इंजेक्शन देख महिला का हो गया बुरा हाल बच्चों की तरह लगी चीखने चिल्लाने, लोगो ने कहा महा डरपोक


कोरोना वैक्सीन के खिलाफ अगर लड़ाई को जीतना है तो वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। देश में इस समय बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन ड्राइव चल रही है। इस दौरान के कई वीडियो देखने को मिल रहे हैं। लेकिन जिन लोगों को ट्रिपैनोफोबिया है, उन्हें वैक्सीन लगवाने में दिक्कत हो रही है। ट्रिपैनोफोबिया दरअसल ऐसा डर है जिसमें लोगों को इजेक्शन से डर लगता है। ट्रिपैनोफोबिया के डर से ही कई लोग वैक्सीन लगवाने से डर रहे हैं।

ट्रिपैनोफोबिया से ग्रसित एक ऐसी ही महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जो कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए वैक्सीनेशन सेंटर पहुंची थी। वीडियो में महिला टीकाकरण केंद्र पर नारंगी रंग की साड़ी पहने सिर पर पल्लू लिए बैठी नजर आ रही है। टीका लगते ही उसके चेहरे का रंग बदल जाता है और वह बच्चे की तरह जोर-जोर से चीखने लगती है। जिसे देखकर लोगों की हंसी छूट गई।

जब महिला चिल्लाती है, तो उसके आसपास के अन्य लोग जो वैक्सीन लेने के लिए आए थे वे घबरा जाते हैं। जब से वीडियो वायरल हुआ है, लोग महिला का मजाक उड़ा रहे हैं और संदेह कर रहे हैं कि क्या उसे वास्तव में दर्द महसूस हुआ या यह सब ड्रामा और ओवरएक्टिंग थी। कुछ दिन पहले भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक महिला को दो लोगों ने पकड़कर वैक्सीन दिलवाई थी।

उधर कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण के दैनिक औसत में 21 जून से कमी देखी जा रही है, जब देश में कोविड-19 टीकाकरण का नया चरण आरंभ हुआ था। सरकारी आंकड़ों से यह पता चला है। कोविन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 21-27 जून वाले हफ्ते में प्रत्येक दिन कोविड रोधी टीके की औसतन 61.14 लाख खुराक दी गईं।

इसके बाद के हफ्ते में 28 जून से 4 जुलाई के बीच यह आंकड़ा कम होकर प्रतिदिन 41.92 लाख खुराक रह गया। 5 से 11 जुलाई वाले हफ्ते में प्रतिदिन लगाई गई टीके की खुराकों की औसत संख्या और कम होकर 34.32 लाख रह गई।