आखिर क्यों पहनते थे बप्पी लाहिड़ी काला चश्मा, हो गया इसका खुलासा


डिस्को और रॉक म्यूजिक से रूबरू करवाने वाले संगीतकार बप्पी लाहिड़ी का निधन हो गया है। वे 69 साल के थे। बताया जा रहा है कि बप्पी लहरी का निधन रात करीब 11 बजे हुआ। बप्पी लहिरी पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज क्रिटी केयर अस्पताल में चल रहा था। बता दें कि म्यूजिक इंडस्ट्री में बप्पी लहरी को डिस्को किंग कहा जाता था। उनका असली नाम अलोकेश लाहिड़ी था। बप्पी दा इंडस्ट्री में अपनी अलग आवाज और संगीत के लिए पहचाने जाते थे।

इंटरव्यू में खोला काला चश्मा पहनने का राज

उन्हें 1975 में आई फिल्म जख्मी से पहचान मिली थी। पॉप म्यूजिक को भारत लाने का श्रेय बप्पी लहरी को ही जाता है। उन्हें डिस्को का आइडिया कैसे आया इस बात का खुलासा उन्होंने खुद एक इंटरव्यू के दौरान किया था। उन्होंने बताया था कि वे डिस्को शब्द बॉलीवुड में लेकर आए थे। एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे डॉक ग्लास यानी चश्मा पहनने के पीछे का राज़ जानना चाहा, तो बप्पी दा ने हंसकर जवाब दिया और कहा कि, ‘मैं डॉर्क ग्लास इसलिए पहनता हूं क्योंकि मैं इसमें सबको देख पाता हूं लेकिन कोई मुझे नहीं देख पाता और ये नहीं समझ पाता कि मेरा ध्यान किसकी ओर है।

इनके भी फैन थे बप्पी दा

’काला चश्मा पहनने की एक और वजह बताते हुए बप्पी दा ने कहा था कि मैं हॉलीवुड स्टार एल्विस प्रेस्ली के स्टाइल को मैं फॉलो करता हूं। मैं उनकी तरह कपड़े पहने और उन्हीं की तरह चश्मा भी कैरी किया। मैंने गोल्ड की चैन पहनना भी उन्ही से सीखा है। एल्विस हर परफॉरमेंस के दौरान सोने की चेन पहने रहते थे। तब मैं अपने स्ट्रगलिंग दौर में था और मैं ठान लिया था कि जब मैं कामयाब होऊंगा तो मैं भी खूब सारा सोना पहनूंगा। गोल्ड चेन के अलावा बप्पी दा ब्लैक शेड्स, जैकेट्स, गोल्ड वॉच को भी काफी पसंद करते थे।

काला चश्मा पहनने की एक और वजह

वे कई इवेंट में भी ब्लैक के अलावा भी कई स्टाइलिश शेड्स लगाए हुए नजर आते थे। वहीं, कुर्तें और शर्ट्स के साथ बप्पी प्रिंटेड, सॉलिड, फ्लोरल, हाफ स्लीव्स जैकेट्स के भी बहुत शौकीन थे। वहीं, बप्पी को गोल्ड के अलावा कई मेटल के ब्रेसलेट भी बहुत पसंद थे। बप्पी को हमेशा ब्रेसलेट पहने हुए भी स्पोर्ट किया जाता था। इसके बारे में उनका कहना था कि ये सभी एक्सेसरीज उनके स्टाइल से ज्यादा उनके लिए लकी हैं। वह इन्हें अपना गुडलक मानते थे। ये सभी एक्सेसरीज बप्पी दा की स्टाइल स्टेटमेंट के साथ उनकी पर्सनैलिटी को भी डिफाइन करती थीं।

हसमुख स्वभाव के थे

बप्पी लहरी ने म्यूजिक के साथ – साथ अपने लुक को भी म्यूजिक के हिसाब से ही बना लिया था। उन्होंने कहा था कि बचपन से ही वह सिंगर या म्यूजिक कंपोजर बनने के साथ एक अलग ट्रेंड बनाने की सोच रखते थे। जिससे लोग उन्हें पहचाने। वह अपनी एक अलग छवि बनाना चाहते थे। बप्पी दा अपने हंसमुख और मजाकिया स्वभाव के लिए भी फेमस थे। किसी ने कभी उन्हें गुस्से में नहीं देखा। बीते कुछ समय से वह कई अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे थे।