लाचारी: नहीं मिला कोई वाहन तो मरीज को ठेले पर ही ले जाने मजबूर हुआ युवक, रुला देंगी ये तस्वीरें


सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी तस्वीरें खूब वायरल हुई है जिसमें देखा गया है की कोई भी साधन ना मिलने के कारण लोगों को मजबूरी में बीमार व्यक्ति को ठेले पर अस्पताल ले जाया आ रहा है | अब हाल ही में एक और तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें रात में एक ठेले पर मरीज़ को अस्पताल ले जाया जा रहा है और फिर वापस ठेले पर ही उसे घर भी लाया जा रहा है | मरीज़ के परिजनों ने चकित्सकों पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है |

ठेले पर महिला को अस्पताल ले जाया गया 

तस्वीर बलिया की है जहां बुधवार को देर रात में 55 वर्षीय सुनीता देवी को उसके पड़ोसी ठेले पर लाद कर अस्पताल ले गए वहां डॉक्टर संजय श्रीवास्तव ने उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया | पैसे के अभाव की वजह से सुनीता को  उसके पड़ोसी ठेले पर ही लाद  कर ले जा रहे थे | रस्ते में ही उनके ठेले पर अखिल उपाध्याय और अमित सिंह क्षत्रिय की नज़र पड़ी जिसके बाद वो खुद उन्हें अस्पताल ले कर गए |

महिला ने डॉक्टर पर लगाए आरोप 

बता दे की डॉक्टर संजय श्रीवास्तव से उस महिला के इलाज को लेकर कहासुनी हुई थी जिसके बाद एक अन्य डॉक्टर ने महिला का इलाज़ किया था और इलाज के बाद महिला ठेले पर ही घर लौट गई , अगले दिन फिर उसकी तबियत खराब हुई जिसके बाद फिर से उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा | महिला ने डॉक्टर पर आरोप लगाए है की उसने ठीक से इलाज नहीं किया |

डॉक्टर ने दी अपनी सफाई 

इस मामले को लेकर डॉक्टर संजय ने बताया की पीड़ित महिला को दर्द था जिसके लिए उसे इंजेक्शन लगाया गया था जिसके बाद उसे सदर अस्पताल रेफेर कर दिया गया था | उन्होंने फ़ोन करके एम्बुलेंस बुलाने की सलाह दी थी लेकिन मरीज़ ने खुद ही इंकार कर दिया और अपने परिजनों के साथ चली है | इस मामले को लेकर जब सुनीता देवी से पूछा गया तो उन्होंने कहा की डॉक्टर ने उनके साथ अच्छा व्यवाहर नहीं किया था |