वाराणसी में PM मोदी ने की यूक्रेन से लौटे छात्रों से बात, छात्रों ने सुनाई अपनी आपबीती।


रूस और यूक्रेन की लड़ाई अभी तक जारी है रूस ने यूक्रेन के कई हिस्सों में कब्जा कर लिया है। हाल ही में यूक्रेन से कई भारतीय छात्र वापिस भारत आये है। भारत आने के बाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वाराणसी में पहुंचे इन छात्रों से बातचीत की है। साथ के साथ इन छात्रों ने उनसे अपने अनुभव साझा किए. छात्र वाराणसी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों से भी थे. भारत लगातार यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट कर वतन वापस ला रहा है. एडवाइजरी जारी होने के बाद से कुल 17,000 भारतीय नागरिक यूक्रेन छोड़ चुके हैं और यूक्रेन में फंसे शेष छात्रों को निकालने की सुविधा के लिए ऑपरेशन गंगा के तहत प्लाइट्स बढ़ाई गई हैं.

एक रिपोर्ट के अनुसार विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला बताया था की यूक्रेन में फ़िलहाल  8,000 भारतीय फंसे हुए है जिनमे से ज्यादातर संख्या छात्र की ही है। चार केंद्रीय मंत्री भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए यूक्रेन के पश्चिमी पड़ोसी देशों में गए हुए हैं. हरदीप सिंह पुरी हंगरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया, किरेन रिजीजु स्लोवाकिया और वी.के. सिंह पोलैंड में हैं. इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि हमारे पास वहां पर बंधक बनाकर रखने की कोई भी जानकारी नहीं है.

भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए हमें जो रूट सुविधाजनक लगेगा हम वहां से उन्हें निकालेंगे. यूक्रेन से बाहर निकलने के बाद ज़्याजा परेशानी नहीं है.नागर विमानन मंत्रालय ने गुरुवार को बताया है कि अगले दो दिनों में विशेष उड़ानों से यूक्रेन के पड़ोसी देशों से 7,400 से अधिक भारतीयों को वापस लाए जाने की उम्मीद है. ज्यादा से ज्यादा भारतीय को वापिस लाने की उम्मीद की जा रही है। सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश में जुटी हुई है।

प्रधानमंत्री मोदी अपनी टीम के साथ लगातार यूक्रेन के PM से टच में है ताकि जल्द से जल्द भारतीय लोगो को उनके वतन वापिस लाया जाए ऐसे में भारत में रह रहे परिवार आपने बच्चो के लिए बेहद चिंतित है कई इमोशनल वीडियोस भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जहाँ माँ बाप आपने बच्चे से मिलकर भावुक हो गए है। ऐसे में देश का हर व्यक्ति उन लोगो के साथ खड़ा है जो इस मुसीबत में खुद को अकेला महसूस कर रहे है।