विदेश भी रहा जिस ओप्रशन में फ़ैल, भारत के डॉक्टरों ने कर दिखाया वो काम, पढ़े पूरा मामला।


इस दुनिया में अगर दूसरा भगवान किसी को कहा गया है तो वह है हमारे प्रिय डॉक्टर्स इनका हमारी ज़िन्दगी में बेहद योगदान है अगर ये न हो तो आम इंसान का जीना मुमकिन न हो पाए। आज हम आपको ऐसी ही घट*ना के बारे में बताने जा रहे है जिसे जानने के बाद आपको एक बार फिर से डॉक्टर्स पर गर्व होने लगेगा। दरअसल डॉक्टर्स ने एक बार फिर से एक कमाल कर दिखाया मामला ये है की डॉक्टरों की टीम ने 22 घंटे बाद एक शख्स के क*टे हुए अंगूठे को फिर से जोड़कर नामु*मकिन को मुमकिन कर दिखाया है. आइये बताते है पूरा मामला।

दरअसल दुबई में काम करने वाले संदीप कुमार अपना क*टा हुआ अंगूठा लेकर दुबई से दिल्ली आए और इस दौरान उनका 300 ml खून बह चुका था. बावजूद इसके डॉक्टरों ने चमत्कार कर दिखाया. संदीप कुमार राजस्थान के रहने वाले है और अपनी नौकरी के सिलसिले में वह दुबई गए थे वहां पर वो कारपेंटर का काम करने लगे. काम करते-करते अचानक उनका अंगूठा हाथ से अलग हो गया. साथियों ने तुरंत ही संदीप को नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया. डॉक्टरों ने सलाह दी कि अंगूठे को जोड़ने के लिए 4 घंटे के अंदर सर्जरी करनी होगी और इसमें करीब 24 लाख का खर्चा आएगा.

संदीप ने बताया वह इतना महंगा इलाज उसके लिए नामु*मकिन था. तो उसने इसकी जानकारी भारत में रह रहे परिजनों को दी इसके बाद उसके परिजनों ने भारत में ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया. लेकिन यहां इस सर्ज*री का खर्च दुबई की सर्जेरी के खर्चे से कई गुना कम यानी 3 लाख 65 हजार रुपये ही आया। 18 घंटे के सफर के बाद संदीप दिल्ली के आकाश हॉस्पिटल पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों की एक टीम उनके इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार थी. 6 डॉक्टरों की एक टीम ने संदीप का ऑपरेशन शुरू किया और अंगूठे को फिर से जोड़ दिया. डॉक्टर आशीष चौधरी ने बताया कि अंगूठा हमारी हथेली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. 45 फीसदी इसका इस्तेमाल होता है.

उन्होंने बताया कि खून बह जाने के कारण और मरीज के देरी से पहुंचने की वजह से यह स*र्जरी काफी मुश्किल थी. ऐसे केसे बहुत ही कम वक्त होते हैं, जहां पर एक लंबा समय बीत जाने के बाद किसी भी अंग को ठीक उसी तरह जोड़ा जाए जैसे वह पहले था.डॉक्टर आशीष चौधरी ने बताया कि इस तरह की सर्जरी काफी चैलेंजिंग होती है, क्योंकि इसे करने में छोटे-छोटे इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल होता है. अंगूठे की क*टी हुई धमनियों के बीच फोरआर्म से नस के एक हिस्से को भी का*टना था. पूरी प्रक्रिया माइक्रोस्कोप की मदद से की गई. डॉ आशीष में बताया कि 6 डॉक्टरों की टीम ने लगातार 6 घंटे तक ऑपरेशन कर सफलता हासिल की.

वहीं संदीप कुमार ने बताया कि उनके मुताबिक वह इस बात को मान चुके थे की अब उनका अंगूठा कभी नहीं लगेगा. लेकिन डॉक्टरों के विश्वास और मेहनत ने यह कर दिखाया.डॉक्टर आशीष चौधरी ने बताया कि आम लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि यदि आपके शरीर का कोई भी अंग किसी भी कारण से कट जाए तो उसे बर्फ के अंदर यानी आइस बॉक्स में रखा जाए.  इससे उस अंग के यीशु खराब नहीं होते और 24 घंटे के अंदर सर्जरी संभव हो पाती है.  साथ ही यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि कटे हुए अंग को बर्फ में डायरेक्ट न रखें. कटे हुए हिस्से को पहले किसी पॉलिथीन में डाल दें और फिर उस पॉलिथीन को आइस बॉक्स में रखें. संदीप ने ऐसा ही किया जिसकी वजह से घटना के 22 घंटे बाद भी उनका अंगूठा उनके हाथ से जुड़ गया.