दुनिया का ये अनोखा शहर जहाँ सारी सुविधा होने के बावजूद भी कोई इंसान नहीं रहता, जाने क्यों ?


इस दुनिया में तमाम देश है और सबके अपने-अपने कानून है। कई देश ऐसे भी मौजूद है जिनके लॉ सिस्टम जानकर हैरानी सी होती है। आज हु, जिस देश की बात करने जा रहे है वह नॉर्थ कोरिया है।  यहां का तानाशाही परिवार लंबे समय से उटपटांग हरकतें करता आया है. यही वजह से पूरे विश्व की नज़र इस देश पर बनी रहती है. इसी कड़ी में हम आपको नॉर्थ कोरिया के एक ऐसे रहस्यमयी शहर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां सभी चीज़ें उपलब्ध हैं, लेकिन कोई इंसान नहीं रहता. आपको ये जानकर है*नी होगी लेकिन ये एक दम सच है आइये रूबरू हो इसके एक ऐसे गांव से जिसकी कहानी है बेहद चौ-का-ने वाली।

आपको ये जानकर बेहद है*नी होगी या आप इस बात पर यकीन नहीं करेंगे एक ऐसा गांव इस देश में मौजूद है जो सिर्फ़ दुनिया को दिखाने के लिए बनाया गया एक ख़ुशहाल शहर का मॉडल है. दरअसल, ग़रीबी और तानाशाही में जी रहा यह देश इस ख़ूबसूरत मगर नक़ली शहर के ज़रिए यह बताना चाहता है कि नॉर्थ कोरिया कितना अमीर और ख़ुशहाल देश है. इस शहर को नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया की सीमा पर बनाया गया है. इसे Kijong-dong और Peace Village of North Korea के नाम से भी जाना जाता है. यहां ऊंची इमारतें, सड़कें, स्कूल व यहां तक कि अस्पताल भी बनवाए गए हैं, लेकिन, यहां कोई इंसान नहीं रहता. यह एकदम वीरान शहर है. इस वजह से इसे नॉर्थ कोरिया का भुतहा शहर भी कहा जाता है.

यह शहर काफ़ी व्यवस्थित ढंग से बसाया गया है. पूरे शहर में नीली रंग की छते हैं. लेकिन, घरों के अंदर कोई संरचना नहीं बनी है, बस दीवारें ही दीवारें हैं. वहीं, इस बात का ख़ास ख़्याल रखा जाता है कि दिन में लाइटें बंद रहें और रात में जलें.  जानकर है*नी होगी इस शहर में जगह-जगह स्वीकर भी लगे हुए हैं, जिनका मुंह दक्षिण कोरिया की तरफ है. माना जाता है कि ये एक दिन में 20 घंटे बजते हैं, जिनमें नॉर्थ कोरिया के कथित शांतिपूर्ण जीवन के बारे में बताया जाता है. वहीं, उन लोगों की आलोचना की जाती है, जो इस शानदार देश को छोड़कर चले गए.

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि इस शहर को उत्तरी और दक्षिण कोरिया की सीमा पर बनाया गया है. यही वजह है कि सीमा के दोनों तरफ भारी संख्या में सैनिक तैनात रहते हैं, ताकि भूमि का अतिक्रमण न हो और आक्रमक गतिविधि न हो. इस शहर को लेकर नॉर्थ कोरिया का दावा है कि यहां 200 लोग रहते हैं. वहीं, यहां की व्यवस्था बहुत ही आधुनिक है और यहां रहने वाले लोग क़ाफी खुश हैं. लेकिन, जब सैटेलाइट के ज़रिए इस शहर को देखा गया, तो पता चला कि यहां कोई नहीं रहता.