“उम्र बस एक नंबर है” इस बात को साबित करते है ये लोग, जिनकी कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं


युवाओं में फिटनेस का क्रेज आसानी से देखा जा सकता है, मगर यही जुनून अगर आपको 100 वर्ष की उम्र पार कर चुके किसी बुजुर्ग में दिखे तो आप क्या कहेंगे, जाहिर है आप आश्चर्यचकित होंगे और यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर वह बुजुर्ग अपनी फिटनेस के प्रति इतना समर्पित क्यों है 

भानुमति राव

90 वर्षों भानुमति राव अपने क्लासिकल डांस के लिए जानी जाती हैं। उनका भारतनाट्यम नृत्य देख कोई भी हैरान हो सकता है। अपने इसी टैलेंट के बल पर वह Bala Kailasam Memorial Award 2019 भी जीत चुकी हैं। उनका जन्म 1923 में केरल में हुआ था।

78 वर्षीय थायम्माली 

78 वर्षीय थायम्माली ने अपने जीवन के 37 साल तमिलनाडु के एक सरकारी स्कूल में भूगोल, गणित और इतिहास पढ़ाया है। हालांकि रिटायरमेंट के बाद भी कुछ करने का जज्बा उनके अंदर कम नहीं हुआ। उन्होंने करीब 4 लाख खर्च कर 8 एकड़ जमीन को पेड़ों से भरने का काम किया।

अब्दुल ख़ादर

68 वर्षीय केरल के अब्दुल ख़ादर ने भुखमरी के खिलाफ़ एक जंग शुरू किए थे, जिसमें वह ‘Visakkunnavarkkoru Virunnu’ के नाम से एक फ़ूड बैंक चलाते हैं। यह काम उन्होंने 2 अक्टूबर 2019 से शुरू किया था, जिसमें उनकी पत्नी सुनिता भी सहयोग करती थी। सुनिया ही अपने घरेलू नौकरों के साथ पूरा खाना तैयार करके फूड बैंक दोपहर के 12:30 खोलती थी।

मान कौर

मान कौर एक भारतीय एथलीट रह चुकी है उन्होंने स्पेन में आयोजित हुई World Masters Championship (2018) में 200 मीटर रेस की 100 से 104 ईयर कैटेगरी का खिताब अपने नाम कर चुकी है। साल 2019 में उन्होंने शॉटपुट में गोल्ड मेडल (पोलैंड में आयोजित हुए गेम्स) जीता था और उनका निधन 105 वर्ष की उम्र में हुआ।

जगत सिंह चौधरी (जंगली )

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के रहने वाले जगत सिंह चौधरी, जो ‘जंगली’ नाम से प्रसिद्ध है। वह एक उम्रदराज पर्यावरणविद हैं। आपको बता दें कि उन्होने करीब 1.5 हेक्टेयर बंजर जमीन पर जंगल उगाने का काम किया है। इसके अलावा वह लोगों को खेती से जुड़ी आवश्यक जानकारी भी देते हैं। उनके जंगल में कई तरह के पेड़-पौधे है, जिसमें से कुछ औषधीय पौधे भी है। उनके जंगल में 1 लाख से भी ज्यादा पेड़ है।

कार्तयिनी अम्मा (Kartayini Amma)

केरल की रहने वाली कार्तयिनी अम्मा केरल साक्षरता मिशन की ‘Aksharalaksham scheme’ के तहत चौथी कक्षा की समकक्ष परीक्षा पास करने वाली अपने जिले की सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं। उन्होंने 96 की उम्र में ये परीक्षा दी थी। कुछ ही दिन पहले भारत सरकार द्वारा योग गुरु स्वामी शिवानंद को पद्म श्री से सम्मानित किया गया। जानकारों की मानें तो वह 126 वर्ष के हैं। उनके पासपोर्ट के अनुसार उनका जन्म 8 अगस्त 1896 को हुआ था। स्वामी शिवानंद जी के स्वस्थ शरीर को देख कर यह कहा जा सकता है कि योग और सही खान-पान आपको एक लंबी उम्र दे सकता है। आपको बता दें कि स्वामी जी रोज कई घंटों तो योग करते हैं और केवल उबला भोजन और सब्जी ही खाते है।

फौजा सिंह

फौजा सिंह विश्व के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक हैं। उन्होंने 101 की उम्र में London Marathon में हिस्सा लिया था और 7 घंटे 49 मिनट में पूरी रेस कंप्लीट की थी। उनका जन्म 1 अप्रैल 1911 में पंजाब में हुआ था और अब वह 111 वर्ष के हो चुके हैं।