ये है कुंडली के 3 सबसे खतरनाक दोष, समय से पहले कर ले उपाए वरना खूब पछताओगे।


भारत जैसे देश में कुंडली जैसी चीज़ो पर ज्यादा विश्वास किया जाता है। कुंडली में मौजूद गुण-दोष व्यक्ति के जीवन पर बड़ा असर डालते हैं। आज ऐसे ही कई दोष के बारे में आपको बताने जा रहे है जो जीवन में बेहद खतरनाक होते है। ज्योतिष पंडितो की माने तो जब किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई अशुभ ग्रह किसी शुभ ग्रह के साथ संयोजन करता है तो ऐसी स्थिति में कुंडली दोष का निर्माण होता है. इन दोषों की वजह से व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की समस्याएं आ सकती हैं. ये दोष आर्थिक स्थिति, करियर, रिश्तों में दिक्कतें, बीमारियों के अलावा समाज में मान-सम्मान और प्रतिष्ठा की हानि जैसे कई स्थायी प्रभाव डालते हैं. आइये आपको इससे करते है आगाह।

कालसर्प दोष ये जित्तना सुनने में खतरनाक लगता है असल में इसका प्रभाव भी उतना खतरनाक है। जानकारी के लिए बता दे कि यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो उसे समझने की जरूरत हैं, परेशान होने की नहीं. कुंडली में कालसर्प दोष राहु और केतु के एक साथ आने से होता है. इसके अलावा यदि सभी सात प्रमुख ग्रह राहु और केतु ग्रह की धुरी के भीतर होते हैं तो भी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष उत्पन्न होता है. इस दोष की वजह से जीवन में अधिक संघर्ष रहता है. बार-बार बनते-बनते काम बिगड़ जाते हैं.इसलिए दोष का उपाए आपको करते रहना चाहिए।

 

 

  • इसके निवारण के लिए आपको ये उपाए अपनाने चाहिए।
  • काल सर्प दोष निवारण पूजा करवाएं.
  • मां दुर्गा और भगवान गणेश की पूजा करें.
  • मंगलवार के दिन राहु और केतु के लिए अग्नि अनुष्ठान करें.
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  • मंगलवार के दिन सांपों को दूध पिलाएं.
  • कालसर्प दोष निवारण के लिए दुर्गा चालीसा का पाठ भी फलदायी होता

 

वैदिक ज्योतिष की अगर बात करे तो मंगल दोष सबसे खतरनाम दोषो में से एक है,  ये दोष रिश्तों में तनाव की वजह बनता है. जब कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में मंगल होता है, तब मांगलिक दोष लगता है. इस दोष को विवाह के लिए अशुभ माना जाता है. एक सफल सुखद वैवाहिक जीवन के लिए बेहद आवश्यक है कि दोनों ही जीवन साथी की कुंडली में मंगल दोष ना हो. यदि किसी एक की कुंडली में मंगल दोष है, तो विवाह के बाद रिश्ते में प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देने लगते हैं.

 

  • मंगल दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें.
  • मंगल ग्रह के लिए अग्नि अनुष्ठान करें.
  • 108 बार “ॐ भोमाय नमः” का जाप करें.
  • पंडित जी से विधि-विधान के साथ मांगलिक दोष निवारण पूजा करवाएं.
  • -मंगलवार के दिन मंदिर में जाकर माँ दुर्गा कि पूजा करे और घी का दीपक जलाए।

यह एक ऐसा दोष है जिसे लगभग सब ही जानते है ,जिस किसी व्यक्ति के पितृ प्रसन्न नहीं होते हैं, उनकी कुंडली में इस दोष का निर्माण होता है. हर साल आने वाले पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध न करने, श्राद्ध कर्म में भाग न लेने और अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ नहीं करने से ये दोष हावी हो जाता है और व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की समस्याएं उत्पन्न कर सकता है. इसके अलावा जब​ किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु के साथ सूर्य का संयोजन हो या केतु के साथ सूर्य ग्रह का संयोजन हो तो ऐसी स्थिति में भी पितृ दोष बनता है. इस दोष के कारण जीवन में उलझने आने लगती है बनते काम बिगड़ने लगते है दूसरा नौकरी से संबंधित परेशानी से जूझना पड़ता है।

 

 

  • पितृ दोष निवारण के ज्योतिषीय उपाय
  • रोजाना कौवों व पक्षियों को खाना खिलाएं.
  • काशी और गया अवश्य जाएं और वहां अपने दिवंगत पूर्वजों का तर्पण करें.
  • पूरे नियम और विधि विधान के साथ किसी विद्वान ज्योतिषी से पितृ दोष निवारण पूजा कराएं.
  • अमावस्या के दिन सफेद गाय को सुबह हरी घास चढ़ाएं और उनका आशीर्वाद लें. ऐसा करने से आपको पितृदोष की समस्या का समाधान प्राप्त होगा.