तबादला रुकवाने के लिए शिक्षक की गिरी हुई हरकत, स्टूडेंट्स को ही बनाया बंधक


लखीमपुर खीरी में एक अजीब मामला खुलकर सामने आया है. यहां दो शिक्षकों ने सिर्फ अपना तबादला रोकने के लिए 20 छात्राओं को बंधक बना लिया. छात्राओं को प्रताड़ित करके प्रशासन पर दबाव बनाया गया की उनका तबादला रुक जाये।

पूरा मामला


उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में फिल्मी तरीके से तबादला रोकने के लिए दो शिक्षकों ने छात्राओं को बंधक बना लिया और फिर उनको प्रताड़ित किया। और इन सब के पीछे उन शिक्षकों का ये मकसद था की उनका होने वाला तबादला रुक जाएं। बेहजाम प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की करीब 20 छात्राओं को कैद कर लिया गया. घटना की जानकारी होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. बंधक बनाए जाने पर छात्राएं परेशान हो गईं। यहां तक ​​कि कुछ छात्राएं रोने भी लगीं।

तबादला रोकने के लिए उठाया ये कदम

जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय है. स्कूल की मनोरमा मिश्रा और गोल्डी कटियार स्कूल की शिक्षिका हैं। दोनों का तबादला कर दिया गया। लेकिन अपना तबादला रोकने के लिए उसने 20 छात्राओं को अपने कब्जे में ले लिया और प्रशासन पर तबादला रोकने का दबाव बनाया. हंगामे के बाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ धारा 342, 504,336 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। छात्राओं ने बताया कि दोनों शिक्षक ने सभी छात्राओं को प्रताड़ित भी किया था। इस बात को सुनकर छात्राओं के परिजन भड़क गए और खूब हंगामा किया।

अधिकारी ने क्या कहा


बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडेय के अनुसार, शिक्षकों ने इस तरह के हथकंडे अपनाकर जिला अधिकारियों पर अनुशासनात्मक आधार पर दूसरे KGBV में उनका तबादला रद्द करने का दबाव बनाया. बताया कि इसकी जानकारी उनके वार्डन को मिली। जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया और छात्राओं को कैद से सुरक्षित बाहर निकाल गया।

जांच के बाद कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी।


BSA पांडेय ने बताया कि इस संबंध में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रेणु श्रीवास्तव द्वारा दो शिक्षकों मनोरमा मिश्रा और गोल्डी कटियार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले में चार सदस्यीय कमेटी द्वारा विभागीय जांच कराई जाएगी। कमेटी को तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। टर्मिनेशन कॉन्ट्रैक्ट के तहत शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। और साथ ही उन्होंने ऐसी घटनाओं की भी निंदा की। और इस घटना को दंडनीय बताया।