अचानक बस ड्राइवर हुआ बेहोश तो महिला ने पहली बार Bus चलाकर 24 लोगो की बचाई जान – Video


रोजाना कोई न कोई नया इंश्योरेंस कंपनी अपनी एडवेर्टीस्मेंट निकालती रहती है। बेहद इनोवेटिव आईडिया के साथ कंपनी अपनी एडवेर्टीस्मेंट निकालती है। अब आपने कोटक जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड का एक नया विज्ञापन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ये विज्ञापन इस बीमा कंपनी की तरफ से उस महिला को ट्रिब्यूट है जिसने अपनी योग्यता से आपातकाल की स्थिति में 24 लोगों की जान बचाई थी। बीमा कंपनी के इस 1 मिनट और 21 सेकंड के वीडियो में दिखाया गया है कि एक बस में कई महिलायें खुशी से झूम रही हैं। इसी दौरान बस रुक जाती है और ड्राइवर बेहोश हो जाता है।

जैसे ही बस रूकती है तो सभी घबरा जाते है तो इस कठिन समय में योगिता उठती है और बस की ड्राइविंग सीट पर बैठ जाती है। सभी हैरान हो जाते हैं और पूछते हैं कि ‘योगिता बस कैसे चलाओगी तुमने कभी चलाई है?” योगिता कुछ नहीं बोलती और बस चलाने का प्रयास करती है। बस एक बार को झटके से रुकती है और भी चलने लगती है। योगिता इस कठिन परिस्थिति में बस चलाने का निर्णय लेती है और अच्छे से कहलाती भी है। पर उसके माथे पर एक डर भी दिखा कि वो कर इस यात्रा को पूरा कर पाएगी या नहीं। फिर अंधेरे में योगिता बस को एक अस्पताल के पास रोकती है और अस्पताल में चली जाती है। यहीं पर ये विज्ञापन खत्म हो जाता है।

दरअसल इस विज्ञापन के साथ कोटक जनरल इंश्योरेंस ने लिखा, “महिलाएं ड्राइव नहीं कर सकतीं, ये रूढ़िवादी बातें तो अपने खूब सुनी होंगी, इसे अनसुना करने का समय आ गया है। हम आपके लिए एक साहसी महिला की कहानी लेकर आए हैं जिसने विपरीत परिस्थितियों का सामना किया। एक कहानी जो आपको सशक्त और प्रेरित करेगी,दरअसल, ये विज्ञापन 7 जनवरी की एक घटना पर आधारित है। महाराष्ट्र के पुणे में तेज रफ्तार से चल रही मिनी बस का ड्राइवर अचानक से बेहोश हो गया जिसके बाद बस अनियंत्रित हो गई।

महाराष्ट्र के पुणे में तेज रफ्तार से चल रही मिनी बस का ड्राइवर अचानक से बेहोश हो गया जिसके बाद बस अनियंत्रित हो गई। इस बस में कुल 24 यात्री थे जो पिकनिक मनाने के लिए मोराची चिंचोली गए थे। वापस लौटते समय कुछ दूर चलने के बाद ही बस का ड्राइवर बेहोश हुआ तो बस में अफरा-तफरी मच गई। बस में मौजूद सभी लोग डरे हुए थे। इस स्थिति में उम्मीद न छोड़ते हुए योगिता ने चुनौती का सामना किया। गड्ढों वाली सड़कों पर लगभग 25 किलोमीटर तक बस दौड़ाई और अपनी समझदारी से 24 लोगों की जान बचाई।