रस्मों को बीच में छोड़ परीक्षा देने पहुंचा दूल्हा, कई घंटे इंतजार करती रही दुल्हन और फिर…


हमारे देश में शादी का फंक्शन सबसे बड़ा माना गया है यहाँ इस दौरान दूल्हे दुल्हन के साथ कई रस्मे की जाती है विदेशो में कई लोग भारतीय शादी देखने के लिए खास यहाँ आते है। शादी का समोराह तीन से चार दिन का चलता है लेकिन इसकी दौड़भाग की थकान महीनो तक नहीं उतरती। आज हम आपको भारत की एक ऐसी शादी से परिचय कराने जा रहे है जहाँ एक दूल्हा शादी के मंडप पर तब तक नहीं पहुंचा जबतक उसने अपनी दसवीं कक्षा का एग्जाम न दे दिया हो जी हाँ आप सोचेंगे की ऐसा कैसे हो सकता है लेकिन हुआ है ऐसा आइये पुरे मामले से कराते है आपको रूबरू।

जानकारी के मुताबिक दूल्हे रामजी सेन ने बताया कि उन्होंने साल भर एग्जाम देने के लिए पढ़ाई की थी. उन्हें लगा कि शादी से पहले परीक्षा देना बेहद जरूरी है. इसलिए उन्होंने शादी से पहले परीक्षा देने का फैसला किया.वहीं दुल्हन प्रीति सेन ने अपने होने वाले पति के इस व्यवहार की सराहना की उन्होंने कहा कि पढ़ाई को लेकर इतनी गंभीरता अच्छी बात है.अगर वो एग्जाम देने नहीं जाते तो उनका पूरा साल खराब हो जाता. इसलिए उसने अपनी शादी को थोड़ी देर के लिए स्थगित कर के अपना एग्जाम निपटा लिया।

मध्य प्रदेश के छतरपुर के कल्याण मंडप में बुंदेलखंड परिवार द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया था. यहां एक साथ 11 जोड़े शादी के बंधन में बंधे.लेकिन इसमें एक मामला ऐसा भी जहाँ एक दुल्हन घंटो भर अपने दूल्हे का इंतजार करती रही लेकिन उसका दूल्हा तो अपना एग्जाम देने के लिए बिजी था। दरअसल रामजी नाम का दूल्हा अपना 10वीं सोशल साइंस का पेपर था. पेपर देकर तीन घंटे बाद लौटे और फिर विवाह की रस्में निभाईं. उन्होंने कहा कि आज जीवन के 2 एग्जाम हुए. पहला एग्जाम पढ़ाई का और दूसरा एग्जाम उसकी जिंदगी का।

जैसे ही वहां मौजूद लोगो को इस बात की जानकारी मिली तो पहले तो वह हैरान रह गए लेकिन बाद में दूल्हे के पास होने की उम्मीद करने लगे। ताकि उसने इतनी मेहनत की है वह पास हो जाए बता दें, छतरपुर के कल्याण मंडपम में बुंदेलखंड परिवार द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया था. यहां एक साथ 11 जोड़े विवाह बंधन में बंधे. शादी के दौरान सभी बेहद खुश थे.