भिखारन निकली लखपति मरने के बाद निकला घर से इतना खजाना, गिनते-गिनते थक गए लोग।


हमारे देश में गरीबी की कमी नहीं है जहाँ देखो वहां इससे बुरा हाल है कोरोना की वजह से अब हाल और बदत्तर होता जा रहा है। जिससे हमारे देश में भिखारियों की संख्या में काफी उन्नति हुई है। लेकिन कई बार जो सामने से दीखता है उसकी सच्चाई पीठ पीछे कुछ और ही नजर आती है। एक ऐसी भिखारन की आज हम आपको कहानी बताने जा रहे है जो असली ज़िन्दगी में तो किसी अमीर इंसान से कम नहीं थी लेकिन कहते हैना सुख कर्मो का ही होता है उसकी ज़िन्दगी में वो सुख नहीं था वह पूरी ज़िन्दगी भीख मांगते-मांगते मर गयी लेकिन जो पैसे उसने जोड़े थे उसे खाने का सुख देख नहीं पायी।

दरअसल एक रिपोर्ट की माने तो ये मामला  पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले का है. जहाँ उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर में एक महिला कोनिका महंतों फूस की झोपड़ी में रह रही थी. उसकी कुछ दिनों पहले मौत हो गई थी. महिला का अंतिम संस्कार करने के बाद जब उनके पड़ोसियों ने महिला के घर की तलाशी ली तो वहां तीन ट्रंक मिले. जिसने भी ये मंजर देखा वह हैरान रह गया ऐसा हो कैसे सकता है। जो औरत पूरी ज़िन्दगी भिखारी की तरह रही हो वो एक दम से इतनी मालामाल कैसे वो भी मरने के बाद?

गौरतलब है जब पड़ोसियों ने जब उस ट्रंक को खोला तो वह दंग रह गए. उसमें लाखों रुपये भरे हुए थे. इस बात की जानकारी उसके बेटे बाबू महंतो को भी दी गई. बेटा परिवार से अलग रहता था. मां की मौत के बाद वह अंतिम संस्कार में तो आया लेकिन उसे खुद नहीं पता था कि उसकी मां लखपति हैं. उनके आंसुओ की हद नहीं रही वह इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे थे की वह असल ज़िन्दगी में इतने अमीर है।

अब पड़ोसी, रिश्तेदारों और उसके बेटे ने कहा है कि ये पैसा बूढ़ी मां के नाम बैंक में रखा जाएगा. ये पैसा कोनिका महंतो के श्राद्ध और शांति कार्य में इस्तेमाल किया जाएगा. क्यूंकि जब तक वह महिला ज़िंदा थी तब तक उसने इसकी भनक किसी को न लगने दी इसलिए उसके जाने के बाद कोई भी इसे हाथ नहीं लगएगा और इसे अच्छी जगह लगा दिया जाएगा।