फिल्म “The Kashmir Files ” का हुआ असर कश्मीरी पंडितों के मुज-रिम बिट्टा कराटे के खिलाफ 31 साल बाद होगी कोर्ट में सुनवाई


द कश्मीर फाइल्स’ के रिलीज होने के बाद 1990 के दशक के दौर में शुरू हुई हि*सा और मार*ट में जान गंवाने वाले कश्मीरी पंडितों की संख्या पर देशभर में बहस छिड़ गई है। जब से ये फिल्म सिनिमा घरो में आयी है तब से देखने वालो की भी लग गयी है। दरअसल  इस फिल्म को लेकर रोज कोई न कोई खबर हैरान कर ही देती है। अब एक बार फिर से आतंकी बिट्टा कराटे के खिलाफ 31 साल बाद आज फिर सुनवाई होगी. दरअसल, श्रीनगर की कोर्ट में एक याचिका दर्ज की गई है, इसमें बिट्टा कराटे के खिलाफ दर्ज केस वापस खोलने की मांग की गई. आइये बताते है इस केस के बारे में पूरी खबर।

अब कहा जा रहा है कि श्रीनगर कोर्ट इस मामले में आज सुनवाई करेगा. पीड़ित सतीश टिक्कू के परिवार ने एक्टिविस्ट विकास राणा की मदद से श्रीनगर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. वकील उत्सव बैंस टिक्कू के परिवार की ओर से पक्ष रखेंगे. इस मामले में श्रीनगर कोर्ट में आज सुनवाई होगी. बिट्टा कराटे अलगाववादी नेता है, कश्मीर में निर्दोष लोगों की हत्** और आत*कवाद से संबंधित आरोपों में जेल में डाला गया था. एक इंटरव्यू में बिट्टा ने खुद 20 कश्मीरी पंडितों की मा*ने की बात कबूली थी.

बिट्टा को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत भी गिरफ्तार किया गया था. बिट्टा पर 19 से अधिक उग्रवाद से संबंधित मामले थे. 2008 में अमरनाथ विवाद के दौरान भी उसे गिरफ्तार किया गया था. बिट्टा मार्शल आर्ट में ट्रेंड था, इसलिए उसके नाम के आखिर में लोग कराटे लगाने लगे. बिट्टा कराटे ने करीब 16 साल सलाखों के पीछे बिताए, आखिर में 23 अक्टूबर, 2006 को टाडा अदालत ने उसे जमानत पर रिहा कर दिया.ये केस तब सुर्खियों में आया जब इसपर बनी फिल्म ने खूब शोर मचाया।

इससे पहले जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने यासीन मलिक और बिट्टा कराटे के खिलाफ दर्ज केस खोलने के संकेत दिए थे. उन्होंने कहा था कि हम जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ दर्ज मामलों में जांच करेंगे. किसी भी आतंकी को छोड़ा नहीं जाएगा.जिन लोगो ने भी कश्मीरी पंडितो के साथ बुरा किया है उन्हें उसका सजा जरूर मिलेगी।