मंडप बना थाना, बच्चे बने बाराती, पुलिस ने किया कन्यादान, ऐसे हुई ये अनोखी शादी


ढोल-नगाड़ों के साथ बारात थाने पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में दोबारा से दोनों दंपतियों की शादी हुई। शादी की खास बात यह रही कि दंपतियों के बेटे-बेटी बाराती बने। राजस्थान के जोधपुर के दईजर इलाके का मामला है। 7 साल पहले दो जोड़ों की शादी हुई थी। कुछ वक्त बाद पति पत्नी में दूरियां आ गई और बता तलाक तक पहुंच गई। मामला जब थाने तक पहुंचा तो पुलिस ने काउसलिंग की।

इसके बाद कपल फिर से शादी करने के लिए राजी हो गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने गाजे बाजे के साथ जोड़ों की शादी कराई। थाना विवाह के मंडप में उस समय तब्दील हो गया जब पुलिस ने एक परिवार में सुलह करवाकर आपसी मुकदमे को न केवल खत्म किया बल्कि गाजे बाजे से जोड़ों का विवाह करवाकर विवाद को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आपसी विवाद के मुकदमों के बाद लोगों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस ने एक सरहानीय कदम उठाते हुए दो जोड़ों का फिर से विवाह करवाकर एक मिसाल पेश की है।

7 साल पहले हुई थी शादी

अरटिया खुर्द और देवातड़ा के दो परिवारों ने साल 2015 में आमने-सामने रिश्ता तय कर एक-दूसरे के घरों में अपनी-अपनी बेटियों का विवाह कर दिया था। देवातड़ा गांव निवासी 30 वर्षीय गिरधारीराम पुत्र कंवराराम विवाह अरटिया खुर्द के जीवनराम की 28 वर्षीय बेटी ऊषा के साथ हुआ। वहीं दूसरी ओर ऊषा के भाई विशनाराम का विवाह गिरधारीराम की बहन धारू के साथ सम्पन्न हुआ था। कुछ समय बाद पारिवारिक झगड़ों के बाद दोनों परिवारों में दूरियां आ गई। एक साल पहले ऊषा और धारू दोनों ही अपने-अपने पीहर लौट आई।करीब डेढ़ महीने पहले दोनों परिवारों ने भोपालगढ़ थाने में दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए परस्पर मुकदमे दर्ज करवा दिए।

पुलिस भी हुई शामिल

महिला थाना प्रभारी रेणू ठाकुर ने बताया कि ऊषा-धारू ने एक-दूसरे के परिवार वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना के साथ अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज करवाए थे।पहले वे किसी भी सूरत में ससुराल वालों के साथ में नहीं रहना चाहती थी।बाद में काउंसलिंग की गई और लगातार समझाया गया। आखिर यह प्रयास रंग लाएय दोनों फिर गठबंधन में बंधना चाहते थे। तो हम भी खुशी में शामिल हुए और थाने के बाहर ही यह कार्यक्रम आयोजित किया. इसके बाद दोनों पक्षों के लोग बारात लेकर आए व दोनों जोड़ों का पुनर्विवाह की रश्म की गई। इस विवाह में दोनों जोड़ों के बच्चे भी सम्मिलित हुए। पुलिस ने मानवीय पक्ष को समझा और आज दो परिवार फिर हंसी खुशी साथ जीवन यापन कर रहे है। यह एक नई शुरुआत इन दोनों परिवार के लिए एक नए सूर्योदय की तरह है।