सालो से बंद पड़े स्कूल के अंदर बक्से में धूल खा रहे थे करोड़ों रुपये, किसी को भी नहीं पड़ी इसकी भनक..


आज का दौर ऐसा आ गया है की लोग पैसो के लेन-देन को लेकर एक दूसरे की जान तक ले लेते है। इस दुनिया में कोई भी हो चाहे सभी करोड़पति बनने का सपना देखते है। लेकिन यह सपना सच में पूरा हो जाए ऐसा कुछ भी कहा नहीं जा सकता।लेकिन मान लीजिये अगर आपके सामने इतने पैसे आ जाए तो आप उसका क्या करेंगे? अक्सर देखा गया है कि जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं भी हो जाती हैं, जिन पर यकीन कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। कई घटनाएं ऐसी होती हैं, जो इंसान कभी सोच भी नहीं सकता है। खेर ये तो सिर्फ बातें है आपको हम आज हकीकत से सामना करवाते है आइये जानिए।

आपको बता दे जिस मामले से अब हम आपको रूबरू कराने जा रहे है वह मामला अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित सिटी से सामने आया है। जहां पर एक आम आदमी के साथ ऐसा ही कुछ हुआ है। न्यूयॉर्क स्थित सिटी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ विनोद मेनन उस वक्त हैरान रह गए जब उन्हें अपने ऑफिस में ही एक कैसे बड़ा हुआ बॉक्स मिला। यह बॉक्स काफी लंबे समय से ऐसे ही लावारिस पड़ा हुआ था और इस बॉक्स में करीब डेढ़ करोड़ रुपए से ज्यादा का कैश भरा हुआ था।आप सोच रहे होंगे ऐसे वास्तव में कैसे हो सकता है लेकिन हाँ ये वास्तव में ही हुआ है जिसने सबको हैरान कर दिया है।

दरअसल प्रोफेसर विनोद मेनन को इतने सारे रुपए पिछले साल एक गुमनाम शख्स ने भेजे थे, जिसने पहले कभी इसी कॉलेज में पढ़ाई की थी। इतनी सारी रकम के साथ उसने एक नोट भी छोड़ा था, जिसमें उस गुमनाम शख्स ने यह बताया था कि आखिर उसने इतना सारा पैसा क्यों और किस वजह से भेजा है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि पिछले ही महीने प्रोफ़ेसर मेनन को अपने ऑफिस में कैश से भरा हुआ एक बॉक्स मिला था, जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपए की रकम बताई जा रही है। इस बॉक्स को नवंबर 2020 में प्रोफेसर के ऑफिस में भेजा गया था परंतु कोरोना महामारी की वजह से कॉलेज बंद पड़ा हुआ था, जिसके चलते पैसों से भरे इस बॉक्स पर किसी की भी नहीं नजर पड़ सकी। करीब 9 महीने तक करोड़ों रुपए से भरा हुआ यह बॉक्स धूल फांक रहा था।

जानकारी के मुताबिक आपको बता दे प्रोफेसर विनोद मेनन अपने कॉलेज में भौतिकी और गणित पढ़ाते थे और उनका कॉलेज कोरोना से पिछले 9 महीने से बंद था। कोरोना महामारी के बीच ऑनलाइन पढ़ाई हो रही थी, जिसकी वजह से कॉलेज के दफ्तर बंद पड़े थे और किसी भी स्टाफ को करोड़ों रुपए से भरे हुए इस बॉक्स की भनक तक नहीं लगी।प्रोफेसर विनोद मेनन को बॉक्स के अंदर से एक नोट भी मिला। बॉक्स पर डिलीवरी पता प्रोफेसर विनोद के ऑफिस का ही लिखा हुआ था यानी कि यह बॉक्स उनके लिए ही भेजा गया था। बॉक्स भेजने वाले शख्स ने विनोद मेनन से शिक्षा ग्रहण की थी। वह कभी उन्हीं के कॉलेज का स्टूडेंट हुआ करता था।

दरअसल जिस स्टूडेंट ने करोड़ों रुपए से भरा हुआ बॉक्स भेजा था उस स्टूडेंट में जो नोट छोड़ा था उसमें लिखा था कि जिस तरह मैंने इस कॉलेज से बेहतरीन शिक्षा ग्रहण की, उसी तरह दूसरे लोग भी फायदा उठा सके। मैंने कॉलेज को डोनेशन के तौर पर यह रकम भेंट की है।जिस स्टूडेंट ने बॉक्स भेजा था उसने सिटी कॉलेज से भौतिकी और गणित में स्नातक की डिग्री हासिल की थी फिर वह भौतिकी में MA किया और भौतिकी में डबल पीएचडी प्राप्त की थी। नोट में यह लिखा गया था कि इस पैसे का इस्तेमाल जूनियर और सीनियर छात्रों को भौतिकी और गणित की पढ़ाई में मदद करने के लिए किया जाए, जिन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता की जरूरत है।