Dabi Sisters के अलावा मिलिए इन बहनो से जिन्होंने क्लियर की UPSC परीक्षा और बनीं IAS


एक समय था जब UPSC सिविल सेवा में महिलाओ की संख्या पुरुषो के मुकाबले में आधी ही थी। लेकिन जैसे-जैसे देश बदल रहा है वैसे ही महिलाओ में आगे बढ़ने का क्रेज सा छाया हुआ है ऐसी कोई जगह नहीं जिसमे महिलाओ खुद को पुरुषो से कम समझे। भारत की लड़कियों ने इस परीक्षा में अपनी काबिलियत साबित की है। आजादी के बाद से भारत की महिलाओं ने एक लंबा सफर तय किया है। कितनी बार ऐसा होता है कि बहनें एक साथ यूपीएससी पास करती हैं या सिविल सेवा परीक्षा में प्रशंसनीय रैंक हासिल करती हैं। यूपीएससी परीक्षा के इतिहास में ऐसी बहनों के कई उदाहरण हैं। आइए आपको उन सभी उदहारण से मिलवाते है।

बता दे डाबी खानदान की दोनों बेटियों ने इस परीक्षा में अवल स्थान प्राप्त कर के अपने परिवार का नाम रोशन किया है। UPSC CSE 2020 में 15वीं रैंक हासिल करने वाली  रिया डाबी के  IAS के पद पर सिलेक्ट होने के बाद डाबी के परिवार की इज्जत दुनिया के सामने बढ़ गई है। जहां इस परिवार की दोनों बेटियां यूपीएससी की परीक्षा में सफल रहीं। आपको बता दें, टीना ने 2015 में यूपीएससी की परीक्षा को टॉप किया था।

डाबी सिस्टर्स के बाद इन दोनों का नाम खूब चर्चाओं में छाय। यह बहनों की एक और जोड़ी है जिन्होंने UPSC CSE को क्रैक किया है। बहनों ने एक साथ परीक्षा की तैयारी की और सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष रैंक हासिल करने में सफल रही। परीक्षा में अंकिता त्यागी ने तीसर रैंक और वैशाली त्यागी ने 21वीं रैंक हासिल की। दोनों बहनें आगरा की रहने वाली हैं और अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के सदस्यों को देती हैं।

हमारी इस लिस्ट में दो बहने और है जिन्होंने अपने परिवार वालो के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन किया। साल 2019 में जब यूपीएससी का रिजल्ट घोषित हुआ तो मीणा बहनों  की चर्चा चारों ओर होने लगी। राजस्थान के सिकराय के खेड़ीरामला गांव की रहने वाली अनामिका और अंजलि  ने UPSC परीक्षा में टॉप कर गांव का नाम रौशन कर दिया।उनके पिता रमेश चंद्र भी तमिलनाडु कैडर के IAS अधिकारी हैं। बहनों की जोड़ी ने अपनी सफलता को अपने पिता को समर्पित किया जिन्होंने अपनी तैयारी के माध्यम से उन सभी का मार्गदर्शन किया और उन्हें प्रेरित किया।

ये उन दो बहनो की कहानी है जिन्होंने अपने शहर आगरा का नाम रोशन किया बता दे UPSC CSE 2020 में सिमरन ने 474  रैंक और सृष्टि ने 373 रैंक हासिल की। दोनों बहनें रोजाना अपने घर के पास एक लाइब्रेरी में पढ़ने जाती थीं। उन्होंने एक साथ तैयारी की और एक साथ चुने गए।सिमरन का सपना संयुक्त राष्ट्र में देश का प्रतिनिधित्व करना है। सृष्टि ने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की जिसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और चयन हो गया।