भारत के इस गांव में ये मुस्लिम शिक्षक 12 सालों से पढ़ा रहे है बच्चों को भगवत गीता के पाठ


कुछ ही समय पहले गुजरात सरकार ने एक फैसला लिया था की अब से वहां 6 से 12वीं  कक्षा के बच्चों को भगवत गीता का पाठ भी पढ़ाया जायेगा | पर आज हम आपको एक ऐसे मुस्लिम टीचर के बारे में बताने जा  रहे है जो गुजरात के सूरत में पिछले 12 सालों से बच्चों को भगवत गीता पढ़ा रहे है और पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें संस्कार भी दे रहे है |

मुस्लिम शिक्षक पढ़ाते है भगवत गीता 

इस शिक्षक का नाम शाह मोहम्मद सईद इस्माइल है वो मांगरोल तहसील के आदिवासी बाहुल्य झाखरडा गांव के प्राथमिक स्कूल में मुख्य शिक्षक के तोर पर 12 साल से कार्यरत है , उनके स्कूल में आने वाले हिन्दू बच्चों को वो भगवत गीता का पाठ पढ़ाते है और मुस्लिम बच्चों को क़ुरान ए शरीफ़ का पाठ पढ़ाते है साथ ही रोज़ बच्चों को अच्छे संस्कार देने का भी प्रयास करते रहते है |

सिखाते है और कई भाषाएँ


झाखरडा गांव के इस स्कूल में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चे पढ़ते है और स्कूल में हिन्दू और मुस्लिम समाज दोनों के बच्चे आते है , सईद इस्माइल दोनों समाज के बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें  दुनिया की कई तरह की भाषाएँ भी सिखाते है , यहाँ के कई छात्रों को हिंदी , गुजरती के साथ -साथ उर्दू और chinese भी आती है |

12 साल से इसी गांव में पढ़ा रहे है 

शाह मोहम्मद सईद इस्माइल ने बताया की वो झाखरडा गांव के इस स्कूल में पिछले 12 सालों से प्राथमिक  शिक्षक के तौर पर कार्यरत है , यहाँ बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दिए जाते है , वो हर बच्चे को भगवत गीता का पाठ पढ़ाते है और रविवार के दिन बच्चे स्कूल आते है और फिर उन्हें गांव के किसी घर में ले जा कर भगवत गीता के दो पेज पढ़वाये जाते है |