क्या सच में मुकुल गोयल को DGP के पद से हटाने का फैसला योगी का था या इसमें है कोई और शामिल ?


उत्तरप्रदेश के DGP मुकुल गोयल को अचानक उनके पद से हटा दिया है जिसके बाद से ही लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे है , उनको इस पद पर से हटाने के कई कारण बताये जा रहे है पर फिर भी ये किसी को हज़म नहीं हो रहा है। मुकुल गोयल पर ये आरोप लगे है की उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों की अवहेलना की है कहा जा रहा है की वो अपने कार्यो में बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहे थे और जो भी काम उनके अंडर थे वो सबको नज़रअंदाज़ कर रहे थे |

उनके पर लगे कई इलज़ाम


मुकेश गोयल पर ये इलज़ाम भी लगे है की वो विभाग के कार्यों में भी रूचि नहीं ले रहे थे , लोगों के मन में सवाल है की आखिर सबको ये चीज़े मुकुल के DGP बनने के बाद क्यों दिखी उससे पहले क्यों नहीं , क्यूंकि अगर वो सच में ऐसा कर रहे थे तो उन्हें एक बड़ा पद सौंपने का फैसला ही क्यों लिया गया ? उनको पद से हटाए जाने के बाद कई बातों पर ध्यान दिया जा रहा है जैसी की आखिर कोई मुख्यमंत्री एक ऐसे अफसर को विभाग की ज़िम्मेदारी क्यों सौंपेगा जिसमें इतनी कमिया हो ?

क्या सच में योगी ने ही लिया ये फैसला ?


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुकुल गोयल के साथ नाराज़गी जताई जा रही है , पर सवाल ये उठता है की जो मंत्री अपने कैबिनेट में भी में खुद की मर्ज़ी के खिलाफ किसी विशेष नेता को लेने के लिए तैयार नहीं होते वो आखिर एक ऐसे अफसर को इतना पड़ा पद कैसे दे सकते है और फिर अब मुकुल गोयल को पद से हटा देने का फैसला सच में उनका है या फिर इस फैसले में कोई और भी शामिल है |

अब दिया गया है उन्हें ये पद


बता दे की मुकुल गोयल को उत्तरप्रदेश के DGP के पद पर से हटाने के बाद सिविल डिफेंस का डायरेक्टर जनरल बना दिया गया है पर जिन कारणों की वजह से उन्हें पद से हटाया गया था उसके बाद किसी अफसर को सेवा में बनाये रखने का मतलब भी किसी को समझ नहीं आ रहा है |