आखिर क्यों मचा है ब्रज में सियासी ‘दंगल’, जानिए क्या है मथुरा कृष्णा जन्म भूमि का पूरा मामला।


दरअसल यूपी में कृष्ण जन्मभूमि का मामला गरमाया हुआ है और विधानसभा चुनाव भी है। साथ में ही वहीं, हिंदू संगठनों ने शाही मस्जिद पर जलाभिषेक का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के बाद कृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हर तरीके से पुलिस और प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है। निगरानी के लिए ड्रोन की भी तैनाती की गई है।शहर में सुरक्षा व्यवस्था ऐसी है कि परिंदा भी पर न मार सके.किसी भी सदिगंधि की शहर में आवाजाही पर सख्त उसके दस्तावेज मांगे जा रहे है।

आखिर ऐसा क्या हो रहा है जिसकी वजह से मथुरा में ऐसा माहौल छाया हुआ है जिसकी वजह इतना बवाल मचा हुआ है। दरअसल पिछले महीने अखिल भारत हिन्दू महासभा के नेता राजश्री चौधरी ने कहा था कि वे 6 दिसंबर को शाही मस्जिद के अंदर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित करेंगे और इसका जलाभिषेक करेंगे. इस संगठन का दावा है कि भगवान कृष्ण की वास्तविक जन्मस्थली मस्जिद के अंदर है. अखिल भारत हिन्दू महासभा के इस ऐलान को श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास, नारायणी सेना और श्रीकृष्ण मुक्ति दल ने भी समर्थन कर दिया.

दरअसल इन संगठनों ने कहा कि वे शाही मस्जिद के अंदर 6 दिसंबर को लड्डू गोपाल यानी कि भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की प्रतिमा स्थापित करेंगे और इसका जलाभिषेक करेंगे. हिन्दू संगठनों के बयान से चुनाव की ओर प्रस्थान कर रहे उत्तर प्रदेश का सियासी तापमान बढ़ गया. ये मामला तब और सुर्खियों में आ गया जब उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक दिसंबर को एक बयान दिया. उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि अयोध्या काशी भव्य मंदिर निर्माण जारी है, मथुरा की तैयारी है. इतना ही नहीं इसके बाद केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव से भी पूछा कि क्या वे मथुरा में भगवान कृष्ण की मंदिर चाहते हैं या नहीं?

 

वही दूसरे संगठनो के लोग दवा कर रहे है की यहाँ मुगल शासक औरंगजेब ने 1669 में श्रीकृष्ण मंदिर को तुड़वा दिया था और इसके एक हिस्से में ईदगाह का निर्माण कराया था. इसी ईदगाह को हटाने के लिए कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से केस दाखिल किया गया है. हिन्दू पक्ष का दावा है कि जहां राजा कंस की जेल थी वहां भगवान श्री कृष्णा ने जेल में जन्म लिया. 1669 में मुगल शासक औरंगजेब ने इसी जेल के चबूतरे पर शाही ईदगाह बनवा दी थी. हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कौशिक ने बताया कि शाही ईदगाह तो अतिक्रमण करके बनाई गई है क्योंकि जहां राजा कंस की जेल थी वहां भगवान श्री कृष्णा ने जेल में जन्म लिया था.

अब यहाँ लड़ाई इस बात की है की हिन्दू महासभा यहाँ ईदगाह हटाने की मांग कर रहा है, फिलहाल ये मामला मथुरा सिविल न्यायालय में चल रहा है. इसकी अगली सुनवाई 15 फरवरी को है. रिपोर्ट के अनुसार कृष्ण जन्मभूमि वाली 13.33 एकड़ जमीन राजा मल से अखिल भारत हिन्दू महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मदन मोहन मालवीय ने खरीदी थी. हिन्दू संगठन ने मथुरा की अदालत में दायर याचिका में कहा है कि 2 अक्टूबर 1968 को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही ईदगाह प्रबंध समिति के बीच हुआ समझौता गलत है. इस संगठन ने अदालत से मांग की है कि इस समझौते को निरस्त किया जाए और मंदिर परिसर में स्थित ईदगाह को हटाकर वह भूमि हिन्दू पक्ष को सौंपी जाए. अब देखना ये होगा की कोर्ट किस हक़ में फैसला सुनाती है।