5 -10 के ढेर सारे सिक्को से दिहाड़ी मजदूर ने खरीदी अपनी पसंदीदा स्कूटी, सिक्को को गिनने में लगे 10 घंटे


असम का एक दिहाड़ी मजदूर, जिसने कई सालों तक सिक्के जुटाए, जब सिक्कों से बोरी भर गई तो वो अपने सपनों का स्कूटर खरीदने चल पड़ा। सिक्कों को लादकर वह एक शोरूम पहुंचा।उन सिक्कों के बदले उसने स्कूटर खरीदा। जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं।

दिहाड़ी मजदूर का बरसों पुराना सपना पूरा आप देख सकते हैं कि, उक्त मजदूर अपनी बीवी के साथ है। उसका नाम उपेन रॉय है। उसने लगभग 8 साल तक 1,2,5 और 10 के सिक्के जुटाए। जब उसके पास काफी सारे सिक्के हो गए तो उन्हें बोरी में भरकर वह गुवाहाटी शहर के शोरूम पहुंचा। जहां उसने सफेद रंग की स्कूटी खरीदी।

आमजन की जिंदगी से जुड़ी एक सच्ची प्रेरक कहानी है, जिसने अपने संग्रहित किए गए सिक्कों का उपयोग करके एक नई स्कूटी खरीदने के 10 साल पुराने सपने को साकार किया है। उसकी पत्नी का कहना है कि, उसने पिछले आठ वर्षों से गुल्लक में सिक्के जमा किए थे। वह गुवाहाटी के निकट बोरागांव इलाके के रहने वाले हैं।

उपेन ने कहा, “मैंने 2014 से सिक्के एकत्र किए। अब आखिरकार, मेरा सपना पूरा हो गया है। 10 साल पहले, मैंने सोचा था कि मैं एक मोटरसाइकिल या स्कूटी खरीदूंगा। जब मेरा संग्रह 1.5 लाख रुपये हो गया, तो मैंने उन सिक्कों को बोरी में भरा और शोरूम आ गया। मुझे यह शानदार स्कूटी मिल गई अब मैं बहुत खुश हूं।,”

इसी साल फरवरी में असम के बारपेटा जिले के एक युवक ने भी सिक्कों से भरे बैग से अपने लिए स्कूटर खरीदा था। दक्षिण भारत में एक युवक ने सिक्कों से ही बाइक भी खरीदी थी. युवक ने 1 रुपये सिक्के देकर लिए 2.6 लाख की बाइक .इसी तरह कुछ दिन पहले ही तमिलनाडू के सलेम के रहने वाले ने भी सिक्कों को जमाकर अपने लिए एक ड्रीम बाइक खरीदी थी. बूबाथी ने 3 साल में  पैसे जमाकर 2.6 लाख रूपये की बाइक ली थी. मोटरसाइकिल शोरूम के कर्मचारियों ने बूबाती की तीन साल की बचत को गिनने में 10 घंटे का समय लिया था.