फिर से बॉलीवुड में अपना जलवा बिखेरेंगे एक्टर फरदीन खान, इस वजह से बना ली थी इंडस्ट्री से दूरी…


बॉलीवुड में ऐसे कई सितारे आज भी मौजूद है जिन्होंने 2000 सन में कई फिल्मो में काम किया है लेकिन अब वह फिल्मी दुनिया से दूर हो चुके है हमारी इस लिस्ट में एक्टर फरदीन खान का भी नाम है एक समय था जब वह बॉलीवुड के चोक्लेटी बॉय नाम से मशहूर थे लेकिन अचानक से उनका फिल्मी दुनिया से ब्रेक ले लेना उनके फेन्स को अच्छा नहीं लगा। लेकिन बॉलीवुड इंडस्ट्री से लम्बा ब्रेक लेने के बाद अब वह कमबैक करने के लिए तैयार हो चुके है। बता दे पिछले दो साल पहले उनकी कुछ फिट तो फैट तस्वीरें सामने आयी थी लेकिन अब उन्होंने खुद को एक बार फिर से फिट कर लिया है।

आपको बता दे फरदीन मशहूर अभिनेता फिरोज खान के बेटे है भले ही आज फ़िरोज़ खान हमारे बीच में न रहे हो लेकिन उनकी फिल्मो व् अदाकारी के आज भी लाखो दीवाने है। यूं तो फरदीन खान दिग्गज अभिनेता के बेटे हैं लेकिन उन्हें कभी भी स्टार किड्स होने का फायदा नहीं मिला। क्योंकि वह फिल्म इंडस्ट्री में लांच तो हुए लेकिन फरदीन वो स्टारडम हासिल नहीं कर पाए जितना उनके पिता फिरोज खान का था। बता दें, फरदीन खान ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘प्रेम अगन’ से की थी। इस फिल्म के माध्यम से फरदीन को उनके पिता फिरोज खान ने ही लांच किया था। उनकी पहली फिल्म हिट हुई और इसके लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू एक्टर का अवार्ड भी मिला।

फरदीन खान ने बॉलीवुड की कई फिल्मो में अभिनय किया है। बता दे इसके बाद फरदीन ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘जंगल’ में काम किया जिसमें उनकी एक्टिंग को खूब सराहा गया। इसके बाद फरदीन खान ने अपने करियर में ‘ओम जय जगदीश’, ‘हे बेबी’, ‘नो एंट्री’ जैसी फिल्मों में काम किया। हालांकि उनका कॅरियर फ्लॉप साबित रहा।इसके बाद वह धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री से दूर होने लगे। लेकिन इसी बीच साल 2001 में फरदीन खान कोकीन का सेवन और नशीले पदार्थ रखने के जुर्म में पकडे गए। इसके बाद फरदीन खान को कई बड़े प्रोजेक्ट से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद साल 2005 में फरदीन खान ने अभिनेत्री मुमताज की बेटी नताशा माधवानी के साथ शादी रचा ली।

हालाँकि अब फिर से वह एक बार कमबैक करने के लिए तैयार है ,हाल ही में हुए एक इंटरव्यू के दौरान अपने बुरे वक्त के बारे में बात करते हुए फरदीन ने कहा कि, “लोगों की धारणा मेरे बारे में गलत नहीं थी। मेरे पिता के गुजर जाने के बाद मुझे कुछ वक्त की जरूरत थी। मैं एक कठिन दौर से गुजरा।मेरे पिता की मौत के कुछ महीनों बाद मुझे अपनी हेल्थ को लेकर भी काफी डर डर लगा था। तब नताशा और मैं हम एक फैमिली के लिए बहुत उत्सुक थे। लेकिन बच्चों को जन्म देने के लिए कई रिस्क थे। इसलिए हमने IVF का रास्ता चुना।”

आगे फरदीन ने बताया कि, “हमें यहां मुंबई में डॉक्टरों के साथ एक बुरा अनुभव रहा और नताशा वास्तव में पीड़ित थी। ये उसकी बॉडी और हेल्थ के लिए बहुत कठिन था। इसलिए 2011 में वो और नताशा लंदन शिफ्ट हो गए। हमें वहां एक बहुत अच्छा डॉक्टर मिला।हमारे जुड़वा बच्चे हुए, लेकिन 6 महीने में हमने उन्हें खो दिया। तो यह हमारे लिए बहुत कठिन था। बाद में आखिरकार हमें बेटी मिली और उसने हमें बहुत खुशी दी। जब आप इस तरह की चीजों से गुजरते हैं तो अपने जीवन को और ज्यादा गहराई से संजोते हैं। इसलिए जब बेटी का जन्म हुआ तो मैं पिघल गया।”