भाषा विवाद को लेकर अब कंगना रनौत ने रखी अपनी राय, इस भाषा को बनाना चाहती है राष्ट्रीय भाषा


कल शुक्रवार को बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत की  फिल्म “धक्कड़ का ट्रेलर लॉन्च हुआ है | लॉन्च के दौरान कंगना ने मीडिया से भी बातचीत की और इस दौरान उन्होंने हिंदी भाषा को लेकर हुए विवाद पर भी अपना ओपिनियन रखा|दरहसल कुछ दिन पहले साउथ एक्टर सुदीप किच्चा ने एक इंटरव्यू में कहाँ था की हिंदी भाषा अब नेशनल लैंग्वेज नहीं रह गई है |

अजय देवगन ने ट्वीट कर दिया जवाब 

संदीप किच्चा के इस बयान पर अजय देवगन ने ट्वीट करते हुए उन्हें कहा था की “अगर हिंदी हमारी राष्ट्रिय भाषा नहीं है तो आप क्यों अपनी मातृभाषा की फिल्मों को हिंदी में डब करके रिलीज़ करते है | हिंदी हमारी मातृभाषा और राष्ट्रीयभषा थी और हमेशा रहेगी”|अब इस विवाद को लेकर कंगना रनौत ने अपनी राय मीडिया के सामने रखी है |

कंगना ने रखी अपनी राय 

कंगना ने कहा की जो हमारा सिस्टम है उसमे कई तरह के लोग रहते है।  यहाँ पर कई तरह की भाषाएँ है , कल्चर है पर हमारा देश एक ही यूनिट है , हम सभी को संविधान का सम्मान करना चाहिए , इसी संविधान ने हिंदी को राष्ट्रिय भाषा बनाया है | तमिल भाषा हिंदी से भी पुरानी है पर इससे भी पुरानी एक भाषा है जो है संस्कृत , अगर आप भाषा विवाद को लेकर मेरा रिएक्शन पूछेंगे तो मुझे लगता है की संस्कृत को राष्ट्रिय भाषा होना चाहिए |

संस्कृत को बनाना चाहती है राष्ट्रिय भाषा 

कंगना ने आगे कहा की तमिल , हिंदी , कन्नड़ सब भाषाएँ संस्कृत से ही आई है , संस्कृत को छोड़कर हिंदी को राष्ट्रिय भाषा बनाया गया इसका जवाब मेरे पास नहीं है | पर अब कुछ लोग सविंधान का अपमान कर रहे है , तमिल लोगों को अलग नेशन चाहिए , बंगाल रिपब्लिक की मांग करते है और कहते है की हमें हिंदी समझ नहीं आती | तो अगर आप हिंदी को मना कर रहे है तो आप हमारे संविधान का अपमान कर रहे है | अगर मेरे हाथ में होता तो मैं संस्कृत को लीगल करुँगी , हम संस्कृत को नेशनल लैंग्वेज नहीं बना सकते , संस्कृत को स्कूलों में भी क्यों अनिवार्य नहीं किया जा रहा है ये मैं नहीं जानती |