देश की सेवा करने का था जुनून तो युवक ने ठुकराई 50 लाख की नौकरी, बना IPS


भारत देश की सबसे बड़ी नौकरी का पद  IAS-IPS का है। ऐसे अधिकारी का दर्जा किसी राजा से कम नहीं होता। कुछ लोग तो IAS-IPS अधिकारी बनने के लिए बड़ी बड़ी क़ुरबानी भी दे दिया करते हैं।ऐसे ही एक IPS अफसर की आज हम बात करने जा रहे है जिन्होंने अपने दम पर कई बड़ी पहचान बना ली है। हम जिस अधिकारी की बात कर रहे है वह  IPS अफसर संतोष मिश्रा है आज हम आपको इनकी क़ुरबानी के कुछ किस्से बताने जा रहे है जिसे जानने के बाद आपक पैरो तले जमीन खिसकने वाली है। आइये जानिए।

दरअसल IPS  संतोष के पिता ने उनमें बचपन से ही देशभक्ति की ज्वाला पैदा कर दी दी। बड़े होते होते संतोष एक पक्के देशभक्त बन चुके थे। स्कूल में वे पढ़ने में वे होशियार थे। 12वीं पास करने के बाद संतोष ने पुणे यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला ले लिया। यहाँ से अपनी इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने के बाद एक यूरोपियन कंपनी में उनकी नौकरी लग गई। संतोष ने यूरोप में 4 साल काम किया, जिसके बाद वह अमेरिका चले गए और वहीँ काम करके लगे।और वहीं रहने का मन बना लिया ।

जानकारी के मुताबिक संतोष मिश्रा ने लगभग 7 साल तक अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक सॉफ्टवेयर कंपनी में जॉब की, जहां उनकी सैलरी लगभग 50 लाख थी। लेकिन संतोष नौकरी आगे नहीं बढ़ाना चाह रहे थे। ऐसे में उन्होंने अमेरिका में नौकरी छोड़ दी और भारत वापस आ गए। संतोष यह जानते थे की वे एक काबिल स्टूडेंट हैं। उन्हें अब देश सेवा में जाना है। इसके लिए बड़ी परीक्षा पास करना है, जो वे कर सकते हैं।भारत लौटने के बाद संतोष ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 2012 में यूपीएससी की परीक्षा क्रैक कर ली।

संतोष मिश्रा ने अपने पहले ही प्रयास में देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास करने में कामयाब हुए। उन्होंने आईपीएस अधिकारी का पद चुना। संतोष मिश्रा अभी के समय में उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में SP के पद पर सेवा दे रहे हैं।बता दे संतोष मिश्रा कई बार लोगो की मदत भी करते देखे गए हैं। संतोष मिश्रा को अपनी ड्यूटी से खाली समय मिलता है, तो वह बच्चों को पढ़ाने के लिए जिले के सरकारी स्कूल चले जाते हैं। वे बहुत ही आसान और अनोखे तरीके से बच्चों को पढ़ाते हैं, जिससे बच्चे कठिन सवालों को भी सॉल्व कर पाते हैं।वह अपने आस -पास मौजूद सभी  बच्चो की मदद करते है।