ये है भारत की पहली महिला ड्राइवर जिसने बिना हाथ के कार ड्राइवर कर बनाया रिकॉर्ड


आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे है जिनके हाथ ना होने के बावजूद उन्होंने अपनी ज़िंदगी से हार नहीं मानी और आज वो देश की पहली ऐसी महिला ड्राइवर है जो सिर्फ अपने पैरो का इस्तेमाल कर कार चलाती है , ये महिला केरल की रहने वाली है और इनकी उम्र 28 वर्ष है | इस महिला का नाम जिलुमल मैरियट है | वो अपने पैरो से ही कार को ड्राइव करती है |

केरल की रहने वाली है महिला 

जिलुमल को थैलिडोमाइड सिंड्रोम है , इस सिंड्रोम की वजह से इंसान के हाथ और पैर ठीक से विकास नहीं कर पाते है , जिलमुल के पिता एक किसान है | जिलमुल का बचपन से ही कार ड्राइव करने का सपना था , जिलमुल ने हाथ ना होने के बावजुद भी हार नहीं मानी , उन्होंने ग्राफ़िक डिजाइनिंग का कोर्स किया और आज वो एक काबिल ग्राफ़िक डिज़ाइनर भी है |

2014 में किया था लाइसेंस के लिए अप्लाई 

डिजाइनिंग का कोर्स करते हुए ही जिलमुल ने Young Women Christian Association से कार ड्राइविंग भी सीखी और सिखने के बाद लाइसेंस के लिए भी अप्लाई कर दिया पर उन्ही हाथ नहीं थे इसलिए उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाता था , 2014 में उन्होंने पहली बार लाइसेंस अप्लाई किया था |

हाई कोर्ट को दी चुनौती 

जब उन्हें लाइसेंस नहीं दिया गया तो जिलमुल ने हाईकोर्ट में उनको लाइसेंस देने की गुहार लगाई , उन्होंने कोर्ट में बिना हाथों के ड्राइव करने वाले विक्रम अग्निहोत्री और ऑस्ट्रेलिया की एक महिला ड्राइवर का उदहारण पेश किया | उन्होंने उन दोनों की बिना हाथों के कार चलाते हुए वीडियो कोर्ट में पेश की | जिसके बाद highcourt ने उन्हें लाइसेंस देने की परमिशन दे दी | कोर्ट के आदेश के बाद जिलमुल ने एक आटोमेटिक कार खरीद ली , उन्हें लाइसेंस 2018 में दिया गया था , और अब वो आराम से कार चला लेती है |