इन राजा- महाराजाओ के अजीबो-गरीब शौक जिन्हे पूरा करने में लगते थे करोड़ों रूपए, जानिए सब कुछ


भारतीय राजाओं, महाराओं और नवाबों की लाइफस्टाइल भी कुछ कम दिलचस्प नहीं रही है। देश में कई ऐसे राजा और नवाब हुए हैं जिनके शौक कुछ ज्यादा अजीबोगरब थे। इनके शौकों के बारे में जानकार आप भी हैरान रह जाएंगे। आज हम आपको ऐसे ही अजीबोगरीब शौक रखने वाले राजाओं और नवाबों की लाइफस्टाइल के शौक बताने जा रहे हैं।

महाबत खान – रसूल खान – जूनागढ़ के नवाब महाबत खान को कुत्तों से इतना लगाव था कि उन्होंने तकरीबन 800 कुत्ते पाल रखे थे। सभी के लिए उन्होंने अलग -अलग कमरे, नौकर और टेलीफोन तक की व्यवस्था कर रखी थी। नवाब को सबसे ज्यादा लगाव रोशन आरा नाम की फीमेल डॉग से था। नवाब ने रोशन आरा की शादी बॉबी नाम के कुत्ते से कराई जिसके इंतजाम में आज के हिसाब से 2.2 करोड़ से ज्यादा रूपये खर्च किये गए।

रोशन आरा की शादी में उन्होंने भारत के सभी राजाओं – महाराजों को आमंत्रित किया था। इस शादी में करीब ढेड़ लाख लोग शामिल हुए थे। रोशन आरा को मंहगे सोने के नेकलेस – ब्रेसलेट और मंहगे कपडे पहनाये गए थे। मिलिट्री बैंड के साथ – साथ गॉड ऑफ़ ओनर से 250 कुत्तों ने रेलवे स्टेशन पर इनका स्वागत किया था।

राजा जय सिंह – एक बार दुनिया में अपने शाही अंदाज के लिए मशहूर रोल्स रॉयल के सेल्समैन ने लन्दन में अलवर के राजा जय सिंह साथ बुरा बर्ताव कर दिया था। इसके जवाब में राजा जय सिंह ने एक साथ कई रोल्स रॉयल कई गाड़ियां खरीदी। इनका इस्तेमाल शहर का कूड़ा फेंकने के लिए किया गया। हालांकि कम्पनी के द्वारा आधिकारिक तौर पर माफ़ी मांगने बाद उन्होंने इस काम को बंद करवा दिया।

मीर उस्मान अली खान – हैरदराबाद के अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान दुनिया के सबसे बड़े अमीरों की लिस्ट में शामिल थे। उनके पास कितनी दौलत थी इसका खुलासा कभी नहीं हो सका। मीर निजाम के पास जैकप डायमंड था, जिसे वो हमेशा पेपर वेट की तरह यूज़ करते थे। दुनिया का सबसे बड़ा डायमंड था, इस डायमंड की अनुमानित कीमत लगभग 881 करोड़ रूपये थी। 184.97 कैरट वाला ये डायमंड शुतुरमुर्ग के अंडे के आकर का था।

 

महारानी इंदिरा देवी – इनको जुत्तों से बहुत लगाव था , उन्होंने अपने लिए मशहूर इटालियन शू designer सल्वाटोर फैरा गेमों के एक साथ जूतों की सौ जोड़ियां बनाने का आर्डर दिया था। इनमें से कुछ जूतों में हीरे जड़े हुए थे।

महाराजा सवाई माधो सिंह द्वितीय – सवाई माधो ने जयपुर के कारीगरों से चांदी के दो विशाल घड़े बनवाये थे। इन घड़ों के बनवाने का इनका उद्देश्य था कि इंग्लैंड दौरों पर जाते समय वो इनमे गंगाजल भर कर ले जा सके। घड़ों को चौदह हज़्ज़ार चांदी के सिक्कों को पिघलाकर बनाया गया था। इन्हें सबसे बड़े चांदी के बर्तन के तौर पर गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

राजा किशन सिंह – भरतपुर के राजा किशन सिंह की एक या दो नहीं बल्कि 40 रानियां थी। उन्हें तैराकी का बहुत शौक था, उन्होंने अपने लिए एक झील बनवाई थी। उनकी पत्नियां निर्वस्त्र होकर झील के किनारे खड़ी रहती थी।