सरकारी कर्मचारी ने चूल्हे पर चढ़ा दिया 20 लाख कैश, पूरा मामला जान पुलिस के पैरो तले खिसकी जमीन


इन दिनों भ्र्ष्ट कारोबारियों का पत्ता साफ़ करने के लिए ED बेहद चौकन्नी होगयी है जगह-जगह बड़े कारोबारियों के घर छापे पड़ रहे है।एक ऐसा ही मामला हाल में कानपुर से आया था जहाँ इत्र कारोबारी पियूष जैन के घर अरबो का छापा पड़ा लेकिन हैरानी की ये बात है अभी तक इसकी जाँच पड़ताल की जा रही है। अब एक ताज़ा मामला सामने आया है जो सिरोही जिले के पिंडो बारात तहसील का है, यहां के एक भ्रष्ट तहसीलदार का अजब-गजब खेल सामने आया है. आइये जानिए क्या है पूरा मामला जिसने देश को हिला कर रख दिया है।

दरअसल मामला ये सामने आया है जहाँ एक शख्स ने अपने घर का बंद दरवाज़ा कर  20 लाख रुपये को किचन में चूल्हे पर जलाने की कोशिश की जब एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारी तहसीलदार के यहां पहुंचने वाले थे. एंटी करप्शन ब्यूरो ने दरवाज़ा तोड़कर आधे जले नोटों के साथ तहसीलदार कल्पेश कुमार जैन को गिरफ्तार किया.जानकारी के मुताबिक, एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि तहसीलदार अपने एक राजस्व निरीक्षक के जरिए आंवला उत्पादन के आंवला छाल के ठेके के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है. सूचना मिलने पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने पाली से एक टीम भेजी और एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए राजस्व निरीक्षक परबत सिंह को गिरफ्तार किया.

फिर जब परबत सिंह ने बताया कि यह जितना भी पैसा है वह हसीलदार कल्पेश कुमार जैन के लिए ले रहा है. इसके बाद गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक परबत सिंह को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारी तहसीलदार कल्पेश कुमार जैन के घर पहुंचे.इसी बीच जब उसे इस बात कि खबर उसे मिली तो उसने घर का दरवाजा बन कर  नोटों को आग के हवाले कर दिया. एंटी करप्शन ब्यूरो ने घर से निकलता हुआ धुंआ देखा तो दरवाजा तोड़कर उसके घर के अंदर घुसे. करीब 20 लाख रुपये आधे से ज्यादा जल चुके थे, इसके बावजूद भी एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक लाख 60 हजार रूपये के सही सलामत नोट बरामद किए हैं. बाकी संपत्तियों की जांच और पूछताछ जारी है.

बता दे ये कोई नयी बात नहीं हमारे देश में बहुत से ऐसे मामले रोजाना सामने आते है जो बेहद चकित होते है जिनकी वजह से आम इंसान सोच में पड़ जाता है जहाँ देश में महंगाई व् खर्चो से हाहाकार मचा हुआ है वही ऐसे भ्र्ष्टाचारो के घर इतना पैसा मिलना किसी हैरानी से कम नहीं है। अब जब पुलिस को इसके बारे में पता चला तो वह इस मामले कि तेह तक जाकर इसकी जाँच कर रही है आखिर ऐसा कब से चल रहा है।