‘The Kashmir Files’ फिल्म के बाद बदल गया दिल्ली के इस स्कूल का नाम, फिल्म से है खास कनेक्शन


जब फिल्म द कश्मीर फाइल्स रिलीज़ हुई है तब से देश में  कश्मीरी हिंदुओं के प्रति संवेदना जग गई है। कई लोग इस फिल्म की तारीफ करते थक नहीं रहे तो कई लोग इसकी बुराई। हमारे बॉलीवुड के कई सितारे इसके समर्थन में उतरे है।  कश्मीरी हिंदुओं पर हुए अत्याचार को ठीक से नहीं जान पाने के कारण लोग पीड़ितो का दर्द नहीं समझ पाते थे, जबकि कश्मीरी हिंदु आज भी उस अत्याचार और नरसंहार का दुख झेल रहे हैं और उनकी आंखों आज भी रो रही हैं।सभी की सोच के मुताबिक इस फिल्म ने इस दर्द को दुनिया के सामने ला दिया है। कश्मीरी हिंदुओं के भयंकर दर्द के प्रति संवेदना जताने के लिए दिल्ली के स्कूल का नाम बदल कर कश्मीर के एक हिंदू समुदाय के नेता को नाम पर कर दिया गया है।आइये जानिए पूरा मामला।

दरअसल मिली जानकारी के मुताबिक उत्तरी दिल्ली के एक नगरपालिका स्कूल का नाम बदलकर कश्मीरी पंडित नेता टीका लाल टपलू के नाम पर रखा गया है, जिनकी 33 साल पहले श्रीनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।रविवार को हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। एनडीएमसी शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. आलोक शर्मा ने कहा कि रोहिणी के सेक्टर -7 में स्थित ‘एनडीएमसी प्राइमरी स्कूल 7-बी’ का नाम बदलकर ‘शहीद टीका लाल टपलू’ कर दिया गया है। वह एक गुमनाम नायक थे। यह दिवंगत नेता को हमारी तरफ से एक श्रद्धांजलि है।

 

मिली जानकारी के अनुसार इस स्कूल में डॉ. आलोक शर्मा ने कहा कि उन्होंने कश्मीरी पंडित नेता टीका लाल टपलू के नाम पर स्कूल का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था, जिसे महापौर ने अग्रिम मंजूरी दे दी।बता दें कि टीका लाल टपलू की 1989 में श्रीनगर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना का उल्लेख फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ में भी किया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने की प्रेरणा इसी फिल्म से मिली है।

 

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के पलायन और उसके बाद भारी हिंसा हुई। इसके बाद 1996 में मतदान हुआ। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने हेरफेर किया। इस मौके पर उत्तरी दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह, बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता मौजूद रहे।इस मौके पर मौजूद बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर ताना कस्ते हुए कहा कि ने न केवल ‘द कश्मीर फाइल्स’ को टैक्स फ्री फिल्म घोषित करने से इनकार कर दिया है, बल्कि कश्मीरी हिंदुओं के प्रति असंवेदनशीलता भी दिखाई है।