भारत के तेज गेंदबाज S. Sreesanth हुए रिटायर, लम्बे ब्रेक के बाद रणजी ट्रॉफी में खेलते हुए आए थे नजर।


भारत के तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए है हाल ही में श्रीसंत ने बुधवार को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा कर दी। उन्होंने ट्विटर पर इसकी घोषणा की। श्रीसंत मैच फिक्सिंग के आरोपों में जांच के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे। उन्होंने इस सीजन में केरल के लिए रणजी ट्रॉफी से पिच पर वापसी की थी, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। आइये उनके करियर के कुछ पल आपको बताते है।

दरअसल एक रिपोर्ट के मुताबिक श्रीसंत भारत की 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों का हिस्सा रहे थे। जोगिंदर शर्मा की गेंद पर फाइनल मैच में उन्होंने ही पाकिस्तान के कप्तान मिसबाह उल हक का कैच लपककर टीम को चैंपियन बनाया था। वे क्रिकेट के अलावा कई टीवी शो और फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।भारत के लिए 27 टेस्ट मैच, 53 वनडे और 10 टी-20 मैच खेलने वाले 39 साल के श्रीसंत को रणजी ट्रॉफी में मेघालय के खिलाफ मैच में महज 2 विकेट मिले थे।

हाल ही में क्रिकटर श्रीसंत ने अपना एक वीडियो जारी कर ये भी कहा- यह 9 साल के लंबे समय के बाद मेरा पहला विकेट है। भगवान की कृपा से मैं बस बहुत खुश था। इसलिए मैंने पिच को प्रणाम किया। श्रीसंत ने 2013 के बाद पहली बार घरेलू मैच खेला है। उनके नाम प्रथम श्रेणी मैचों में 213 विकेट हैं। छह बार उन्होंने एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लिए हैं।

जानकारी के लिए आपको बता दे मैच फिक्सिंग के आरोपों के कारण श्रीसंत पर 2013 में आजीवन प्रतिबंध लगाया था। श्रीसंत को 2015 में स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी किया था। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने 2018 में उनके ऊपर लगे सभी प्रतिबंधों को हटा दिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने बाद में प्रतिबंध को बहाल कर दिया था। इसके बाद श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शीर्ष अदालत ने उनके अपराध को बरकरार रखा। बीसीसीआई को सजा की अवधि कम करने की सिफारिश की थी। अगस्त 2019 में बीसीसीआई के लोकपाल डीके जैन ने आजीवन प्रतिबंध को घटाकर 7 साल कर दिया। वह सितंबर 2020 में समाप्त हो गया।