जानिए ओलंपिक खेलो में क्यों पड़ती है खिलाडी को Condom की जरूरत, हैरान कर देंगी इसके पीछे की यह वजह


जापान की राजधानी टोक्यो में ओलंपिक गेम्स 2021 में भाग लेने के लिए दुनियाभर के खिलाड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। भारत समेत कई अन्य देशों के खिलाड़ी ओलंपिक गेम्स में अपने मेडल जीतने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। इस बीच कई मुद्दों को लेकर टोक्यो ओलंपिक शुरुआत से ही विवादों में रहा है। कोरोना काल में खेलों के आयोजन को लेकर लोगों ने पहली ही नाराजगी जताई थी लेकिन हाल ही में खिलाड़ियों के बीच कंडोम बाटे जाने से बवाल मच गया।

टोक्यो ओलंपिक गेम्स को लेकर कुछ दिनों पहले खिलाड़ियों के बीच 1 लाख 60 हजार कंडोम बांटे जाने की हैरान करने वाली खबर सामने आई थी। हालांकि बवाल होने पर खेल आयोजकों ने बयान दिया था कि ये कंडोम खिलाड़ी अपने घर ले जाएंगे। कमेटी का यह बयान तो लोगों को संतुष्ट नहीं कर सका लेकिन कंडोम बांटे जाने को लेकर ओलंपिक की ही एक महिला खिलाड़ी ने पोल खोलकर लोगों के सामने पूरा चिट्ठा रख दिया है। खिलाड़ी ने बताया कि आखिर क्यों ओलंपिक गेम्स में हजारों कंडोम बांटे जाते हैं।

जर्मनी की 52 वर्षीय पूर्व लॉन्ग जंपर महिला एथलीट सुसेन टीड़त्के ने गेम्स ने ओलंपिक गेम्स से जुड़ी कई बातों को खुलासा किया है। सुसेन ने ओलंपिक खोलों में खिलाड़ियों के बीच कंडोम को लेकर दुनिया के सामने कई बातें रखीं। बता दें कि सुसेन ने 1992 और 2000 के ओलंपिक गेम्स में हिस्सा लिया था इस दौरान उनका अनुभव कुछ खास अच्छा नहीं रहा। सुसेन ने जो कुछ भी बताया वह हैरान करने वाला था। उनके मुताबिक रात में खिलाड़ी के कमरे में से आवाजें आती थीं।

सुसेन ने बताया कि उनके साथ ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ एक होटल में रहते हुए काफी बुरा अनुभव हुआ। लगभग हर खिलाड़ी के कमरे में रात को एक पार्टनर होता था और वह संबंध बनाते थे। सुसेन ने कहा कि उनके बीच फिजिकल रिलेशन की आवाजें इतनी तेज होती थीं कि सो पाना काफी मुश्किल होता था। खिलाड़ियों के बीच कंडोम बांटने की वजह से-क्स है। सुसेन ने ओलंपिक गेम्स में इस साल कोविड काल में नो से-क्स रूल की वकालत भी की है।

सुसेन के मुताबिक दिन में इवेंट खत्म हो जाने के बाद शाम को पार्टियों का दौर शुरू हो जाता है। यहां कई खिलाड़ी शराब और रोमांस के नशे में डूब जाते हैं। गेम्स से पहले खिलाड़ियों पर परफार्मेंस का दबाव होता है इसलिए वो से-क्स से दूर होते हैं, लेकिन खेल खत्म होने के बाद यहां पार्टनर्स बनाए जाते हैं उनके बीच संबंध स्थापित होता है। कुछ खिलाड़ी आपस में ही रोमांस करते हैं तो कुछ टिंडर या अन्य डेटिंग साइट्स के जरिए पार्टनर से मिलते हैं।