CM योगी की बड़ी बहन नीलकंठ महादेव मंदिर के बाहर लगाती हैं प्रसाद की दूकान, रोज मांगती है ये वरदान।


ऋषिकेश बेहद सुंदर और प्राकृतिक पूर्ण शहर है। यहाँ के वातावरण और शहर के मुकाबले थोड़ा कम प्रदूषित है। यहाँ मंदिरो की भारी संख्या देखी जा सकती है। दरअसल ऋषिकेश से 36 किलोमीटर दूर नीलकंठ महादेव मंदिर लाखों श्रद्धालुओं के आस्‍था का केंद्र है. इसी मंदिर के बाहर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की बड़ी बहन प्रसाद की दुकान लगाती हैं. वह रोज मंदिर में अपने भाई की सफलता की प्रार्थना करती हैं.वह रोज मंदिर में इस प्राथना के लिए दर्शन करती है। आइये जानिए इसके बारे में।

दरअसल इस मंदिर के बाहर प्रसाद के लिए कई अन्य दुकाने भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक यहाँ कुल 70 दुकाने उपलब्ध है। जिसमे से एक दूकान यूपी के सीएम योगी की बड़ी बहन की भी है. इस दुकान पर आने वाले लोग कम ही जानते हैं कि वे जिस दुकान से सामान ले रहे हैं या चाय-नाश्ता कर रहे हैं, वह देश के सबसे शक्तिशाली सूबे उत्तर प्रदेश के सीएम की सबसे बड़ी बहन शशि पयाल हैं. जो बहुत पुराने समय से इस दूकान को चला रही है।

उत्तर प्रदेश में चल रहे चुनावों के बीच शशि प्रतिदिन भाई की विजय के लिए नीलकंठ महादेव से प्रार्थना करना नहीं भूलतीं. उनका कहना है कि भाई के मस्तक पर विजय का तिलक देखना ही मेरा सपना है. शशि ने बचपन के दिन याद करते हुए बताया कि योगी का स्वभाव अन्य भाई-बहनों से अलग था. वह गंभीर प्रवृति के थे. हर वर्ष वह रक्षाबंधन पर उन्हें राखी अवश्य भेजती हैं लेकिन यह अलग बात है साल 1994 में योगी आदित्यनाथ के संन्यास लेने के बाद कभी उनकी कलाई पर राखी बांधने का अवसर नहीं मिला. योगी के संन्यास लेने के बाद भी उन्हें उम्मीद थी कि एक दिन भाई लौट आएगा लेकिन दिन बीतने के साथ यह तय हो गया कि अब यह संभव नहीं है.

दरअसल, शशि ने बताया कि योगी आदित्यनाथ को सादगी उनकी विरासत से ही मिली है। आगे वह कहती है कि 7 भाई-बहनों में शशि सबसे बड़ी और योगी पांचवे नंबर के हैं. योगी पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाक में पंचूर गांव के रहने वाले हैं. 31 वर्ष पहले शशि का विवाह कोठार गांव के पूरण सिंह पयाल से हुआ. पति-पत्नी हर दिन कोठार गांव से ढाई किलोमीटर दूर नीलकंठ महादेव मंदिर पैदल ही आते हैं. प्रतिदिन सुबह सात बजे दुकान खोलते हैं और शाम चार बजे तक गांव लौट जाते हैं. शशि के तीन बच्चे हैं, दो बेटे और एक बेटी. एक बेटे का विवाह हो चुका है.

शशि आगे बताती हैं कि योगी आदित्यनाथ को उनके हाथ का बना भोजन बहुत पसंद था. हालांकि, अब उनके साथ भोजन किए भी वर्षों बीत गए हैं.  शशि के अनुसार आखिरी बार योगी से उनकी भेंट 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी तब वह विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए ऋषिकेश, यमकेश्वर और रायवाला आए थे. इसी दौरान वह अपने गांव पंचूर गए. तब परिवार के सभी लोग गांव में जमा हुए और योगी के साथ समय बिताया था. उसके बाद से वह तब अपने भाई से नहीं मिली है और वह आगे उनसे मिलने कि इसका रखती है।