कड़ा परिश्रम करने के बाद आनंद महिंद्रा पहुंचे इस मुकाम पर, देश में मनाई अलग पहचान


भारत के मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका जन्म 1 मई 1955 को मुंबई, महाराष्ट्र के एक प्रसिद्ध व्यवसायी परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम हरीश महिंद्रा और माता का नाम इंदिरा महिंद्रा था. आनंद महिंद्रा ऑटो जगत में एक बड़ा नाम है उनकी गिनती देश-दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में होती है.

बनाई गई कंपनी की अलग पहचान

फिनोलॉजी के अनुसार, आनंद महिंद्रा के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी जब उन्हें 1991 में एमएंडएम की कांदिवली फैक्ट्री का काम सौंपा गया था. उस समय कर्मचारी हड़ताल पर थे और सभी ने उनके कार्यालय को घेर लिया था. जिसके बाद सभी को लगा कि आनंद महिंद्रा ने उनकी मांग पूरी की होगी. लेकिन आनंद महिंद्रा ने दूसरा तरीका अपनाया और कहा कि अगर कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उन्हें दिवाली बोनस नहीं दिया जाएगा और धरना बंद हो गया. किसने सोचा होगा कि हड़ताल को इस तरह खत्म किया जा सकता है. लेकिन बाद में उनके नेतृत्व में कंपनी की उत्पादकता 50% से बढ़कर 150% हो गई.

आनंद महिंद्रा ने नहीं मानी कभी हार

इसके बाद एक बार महिंद्रा ग्रुप ने पूरी तरह से से कार बनाने का फैसला किया लेकिन उनके पास तकनीक की कमी थी. इसलिए, उन्होंने फोर्ड के साथ एक संयुक्त परियोजना की. लेकिन एस्कॉर्ट कार बाजार में लॉन्च होने पर ज्यादा नहीं चली. लेकिन आनंद महिंद्रा ने हार नहीं मानी. उसने जोखिम उठाया और बिना किसी की मदद के अकेले कार बनाने का फैसला किया सभी ने कहा कि वह बर्बाद हो जाएगा लेकिन यह उनका सबसे सफल प्रोजेक्ट था. इस कार का नाम है- स्कॉर्पियो. और उन्होंने इस प्रोजेक्ट को अन्य कंपनियों की तुलना में काफी कम लागत पर पूरा किया.

कंपनी किया को रीब्रांड

 

2009 तक, Mahindra and Mahindra हर भारतीय घर में प्रसिद्ध हो गई थी. उन्होंने साबित कर दिया कि भारतीय किसी से पीछे नहीं हैं. यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी भी है. ट्रैक्टर ही नहीं यह कंपनी कई तरह के कृषि उपकरण बनाती है. आनंद महिंद्रा के अलग-अलग दृष्टिकोण के कारण, महिंद्रा एंड महिंद्रा ट्रैक्टर और हल्के वाहनों में मार्केट लीडर बन गया है. यह ऑटोमोबाइल के अलावा आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज और वेकेशन जैसे क्षेत्रों में भी आगे है. कंपनी की आज अंतरराष्ट्रीय पहुंच है. इसका संचालन 72 देशों में है और आज कंपनी 100 से अधिक देशों में कारोबार कर रही है.