11 साल के इस लड़के की मदद को आगे आई पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री, पढ़ाई से लेकर उठाएंगे हर खर्चा


हम सब ही जानते है की भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है बच्चा बच्चा यहां टैलेंटेड है वहीं दूसरी और कम उम्र में ही कंधो पे जिम्मेदारी आना बहुत बड़ी बात नहीं है। आज हम आपके लिए कुछ ऐसी ही ख़बर लेके आए है। ख़बर है बिहार की जहां एक 11 साल का सोनू इन दिनों खूब चर्चा में हैं। सरकारी तौर पर CM नीतीश कुमार से पढ़ाई की गुहार लगाने के बार हर तरफ से सोनू की हिम्मत की तारीफ हो रही है।

कोन है ये बच्चा?

उस बच्चे का नाम सोनू है जो 11 वर्ष का है और 6 कक्षा में होकर भी 5 कक्षा के बच्चो को ट्यूशन पढ़ाता है वह एक साथ 40 बच्चो को शिक्षा देकर अपनी पढ़ाई का खर्च निकालता है। इतनी छोटी से उम्र में ये करना बड़ी फक्र की बात है।

सिविल सर्वेंट बनने का है सपना

सोनू ने सीएम नीतीश के आंखों में आंखें डालकर शिक्षा की बात बताई। उसने कहा कि अगर सरकार उसकी मदद करे तो वो भी पढ़ लिखकर आईएएस, आईपीएस बनना चाहता है।

गोहर खान ने लिया पढ़ाने का जिम्मा

बॉलीवुड एक्ट्रेस गौहर खान ने सोशल मीडिया पर सोनू की पढ़ाई का खर्चा उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सोनू के पास अपना एक विजन है, वो बहुत होनहार है ऐसे बच्चे हमारा देश का भविष्य हैं। हमें इनकी मदद करनी चाहिए। इसके लिए गौहर खान ने सोनू की डिटेल्स भी मंगवाई है।

सोनू को बॉलीवुड का समर्थन

एक्ट्रेस पूजा भट्‌ट ने भी 11 साल के सोनू का समर्थन किया है। उन्होंने सोनू की CM से गुहार लगाते वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा है कि जब कोई बच्चा ऐसी मुश्किल व्यवस्था को समझने की कोशिश करता है। ऐसे मुश्किल समय में वह बर्बाद हो जाता है। कई सामाजिक संस्थान , एनजीओ और शिक्षण संस्थान ने सोनू की मदद करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने सोनू को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने का भरोसा जताया है।

 

CMनीतीश कुमार से लगाई थी गुहार

 

दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पत्नी मंजू सिन्हा की 14वीं पुण्यतिथि के मौके पर नालंदा के हरनौत के कल्याणबीघा गांव में पहुंचे थे ।वहां पंहुच कर उन्होंने अपनी स्वर्गवासी पत्नी की प्रतिमा पर फूल-मालाएं चढ़ायी और इसी दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। लोगों की भीड़ में शामिल सोनू ने पढ़ाई के लिए गुहार लगाते हुए बोला की मेरे पिता दही बेचके उन पैसों की शराब पी जाते है। सीएम नीतीश कुमार ने सोनू की बात को ध्यानपूर्वक सुना था जिसके बाद उन्होंने डीडीसी को उसका नामांकन करा कर पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।