जेल में रहते हुए भी इस कैदी ने बनाया रिकॉर्ड, परीक्षा दे कर हासिल की 54th रैंक


जब कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसे सज़ा के तोर और जेल भेज दिया जाता है ताकि वहां रह कर उसका सुधार हो सके , जेल में रहते हुए अपराधी को काफी कुछ सोचने को मिलता है , जेल में रहते हुए यदि किसी कैदी का व्यहवार अच्छा हो जाये तो उसकी सज़ा भी कम कर दी जाती है ,आज हम आपको एक ऐसे अपराधी के बारे में बताने जा रहे है जिसने जेल में रह कर ही अपने भविष्य के लिए कुछ अच्छा करने की सोची और देश में होने वाली एक बड़ी परीक्षा में रैंक भी हासिल की |

जेल में रहते हुए की पढ़ाई

हम जिस कैदी की बात कर रहे है वो बिहार के मोसमा गांव का रहने वाला है और उसका नाम सूरज कुमार है | सूरज को एक ह्त्या के आरोप में जेल में बंद कर दिया गया था पर उसने जेल में रह कर ही अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए पढ़ाई करना शुरू कर दिया और भारत में होने वाली JAM की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी , उसने जेल में रह कर ही खूब मेहनत की और परीक्षा दे कर 54th रैंक प्राप्त की |

हासिल की 54th रैंक 

उसकी इस सफलता के बाद जेल प्रशासन भी उससे काफी खुश है | सूरज ने रुड़की की आईआईटी द्वारा 2022 में आयोजित की गई JAM की परीक्षा में सफलता हासिल की है।  बता दे की सूरज पिछले एक साल से जेल में ही बंद है पर वो एक वैज्ञानिक बनना चाहता है जिसके लिए उसने जेल में होने के बावजूद भी मेहनत करना नहीं छोड़ी |

एक साल से है जेल में 

एक साल पहले ही सूरज के परिवार का किसी दूसरे परिवार से विवाद हो गया था जिस बीच दोनों परिवारों में मारपीट भी हो गई थी , उसी दौरान दूसरे परिवार का एक शख्स घायल हो गया था जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया पर इलाज के दौरान ही उनकी मृत्यु हो गई जिसके बाद उस परिवार ने सूरज और उसके पिता के साथ-साथ और लोगो पर  हत्या के आरोप लगाए और फिर सूरज के साथ अन्य लोगों को भी जेल भेज दिया | अब तक सूरज का जुर्म साबित नहीं हुआ है पर जेल में रहते हुए ही उसने खूब मेहनत कर परीक्षा पास कर ली है |