गरीबी में काटी जिंदगी, लगाई सड़को पर झाड़ू, आज RAS की परीक्षा पास कर रच दिया इतिहास


यह कहानी आशा कंडारा की है जिन्होंने RAS (राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा) पास करके बता दिया कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। दरअसल, आशा एक निगम कर्मचारी थीं जो जोधपुर की सड़कों पर झाड़ू लगाने का काम करती थीं। अब आरएएस परीक्षा पास करने के बाद उनके जज्बे की कहानी बहुत से लोगों को हिम्मत दे रही है।

आईएएस अवनीश शरण ने उनकी सफलता की कहानी शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा- कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों…। ‘भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, आठ साल पहले आशा कंडारा का पति से अनबन के बाद तलाक हो गया था। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने दो बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभाते पहले ग्रेजुएशन की और फिर आरएएस परीक्षा पास कर एक मिसाल कायम कर दी।

अपनी इस सफलता से आशा बहुत ही खुश हैं। आशा ने ‘भास्कर’ को बताया कि साल 1997 में उनकी शादी हुई थी। लेकिन 5 साल बाद पति ने छोड़ दिया। इसके बाद आशा ने जिंदगी में कुछ करने की ठानी। उन्होंने किसी तरह 2016 में ग्रेजुएशन की और फिर 2018 में सफाई कर्मचारी भर्ती परीक्षा दी।

इस दौरान वह आरएएस प्री-परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत कर रही थीं। जब अगस्त में प्री एग्जाम में वह सफल रहीं तो उन्होंने आरएएस मैन्स की तैयारी में पूरी जान लगा दी।

 

हालांकि, आरएसएस मैन्स परीक्षा देने के 12 दिन बाद ही उन्हें सफाई कर्मचारी का काम शुरू करना पड़ा, जिसके तहत वह पावटा की मैन रोड पर झाड़ू लगाती थीं।

 

लेकिन मंगलवार को जब आरएएस परीक्षा का परिणाम आया तो उनका सपना सच हो गया! अब सोशल मीडिया पर लोग आशा को बधाई देने के साथ-साथ उनकी हिम्मत और जज्बे को लोग सलाम कर रहे हैं।