कभी थे ICC के एलीट पैनल को अंपायर, आज घर चलाने के लिए मजदूरी करने को है मजबूर


170 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायरिंग कर चुके पाकिस्तान के पूर्व अंपायर असद रऊफ ( Asad Rauf) आजकल पाकिस्तान में लाहौर में लांडा बाजार में एक जूते और कपड़ों की दुकान चला रहे हैं। उन्होंने कहा अब मेरा इस खेल से कोई लेना देना नहीं हैं मैंने साल 2013 के बाद क्रिकेट को फोलो करना छोड़ दिया है।

“कपड़े जूते की दुकान चलाता हूं”

2016 से आजीवन प्रतिबंध झेल रहे असद रऊफ ने पाकिस्तानी न्यूज चैनल से खास बातचीत की है। वह कहते हैं, ‘यह काम मैं अपने लिए नहीं बल्कि मेरे स्टाफ की सैलरी के लिए करता हूं। मैंने ताउम्र अंपायरिंग की। कई देश घूमे। जिंदगी में ऐसा कुछ भी नहीं बचा, जो मैंने नहीं किया। आईपीएल 2013 में सट्टेबाजों से संपर्क और बुकीज से तोहफे लेने के आरोपों में बीसीसीआई ने स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल का आरोपी भी बनाया था। आपको बता दें कि लाहौर का लांडा बाजार सस्ते कपड़े, जूते और अन्य सामान उपलब्ध कराने के लिए प्रसिद्ध है। इस मार्केट में ज्यादातर पुराने सामान खरीदने और बेचने के लिए लोग आते हैं। रऊफ जो अब वहां पर अपनी एक दुकान चला रहे हैं उन्होंने कहा कि वे इस दुकान को अपने लिए नहीं बल्कि अपने कर्मचारियों के लिए चला रहे हैं।

“BCCI ने किया असद रऊफ को बैन”

आपको बता दें कि साल 2013 में बीसीसीआई ने उनको बैन कर दिया क्योंकि आईपीएल (IPL) की डिसीप्लेनरी एक्शन टीम ने पाया था कि असद रऊफ ने बुकी से महंगे गिफ्ट लिए थे और आईपीएल में फिक्सिंग में उनकी इनवोल्वमेंट थी। बीसीसीआई के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्हीं तरफ से आए लोगों ने खुद ही डिसीजन भी ले लिया। इसके अलावा रऊफ पर मुंबई की एक मॉडल ने भी यौन शोषण का आरोप लगाया था लेकिन इसके जवाब में उन्होंने कहा कि लड़की वाले मामले के बाद तो मैं अगले साल भी आईपीएल करवाने के लिए गया था।

“क्रिकेट देखना छोड़ दिया”

असद रऊफ से जब पूछा गया कि अब आप क्रिकेट क्यों नहीं देखते हैं तो उन्होंने कहा कि जब सारी उम्र मैंने खुद ही लोगों के क्रिकेट खिलाया है तो अब देखना किसको है। उन्होंने कहा साल 2013 के बाद से मैंने क्रिकेट को बिल्कुल ही छोड़ दिया क्योंकि जो काम मैं एक बार छोड़ देता हूं तो उसे बिल्कुल ही छोड़ देता हूं।

“अपनी जिंदगी में खुश हूं”

दरअसल, अंपायरिंग छोड़ने के तकरीबन 10 साल बाद असद राउफ  को कोई अफसोस नहीं है। वह आज जो कर रहे हैं, वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह अगर आज के समय में दुकान चला रहे हैं तो इसका यह कतई मतलब नहीं है कि मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने क्रिकेट खेलने के अलावा क्रिकेट मैचों में अंपायरिंग की और आज दुकान चला रहा हूं, लेकिन मैं अपनी जिंदगी से बेहद खुश हूं।