इतनी गर्मी में भी यह 6 गज का मकान बर्फ की तरह ठंडा रहता है, आखिर कैसे ?


अगर भारत एक मनुष्य है तो दिल्ली उसका दिल है। दिल्ली को दिलवालो की कहा जाता है। दिल्ली अपने इतिहास और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जानी जाती है। जहां पृथ्वीराज चौहान से लेकर मुगल और उसके बाद ब्रिटिश साम्राज्य सबने यहां शासन किया है। ” क्यों जाए जौक दिल्ली की गलियां छोड़कर” बहादुर शाह जफर के दरबार के शायर जौक ने यह कहा था। दिल्ली एक ऐसी जगह है जहां सब है। प्यार ज्यादा प्यार, दगा बहुत ज्यादा दगा, बाजार छोटे बाजार, बड़े बाजार, गलियां तंग गलियां, खुली सड़कें, खाली सड़कें।

दिल्ली में गर्मी का जारी है प्रकोप
दिल्ली की गर्मी से तो सभी वाकिफ है । दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जहां, एसी , कूलर और पंखा होने के बाद भी बड़े-बड़े घरों में रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। तो आप जरा खुद सोचिए जिनके पास रहने के लिए घर नहीं है तो वो केसे रहते होगे। वहीं जो अपने आय की अनुकूल चलते है छोटे छोटे घर वाले लोग उनका क्या हाल हो रहा होगा। इन दिनों दिल्ली का एक मकान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। मकान बना है सिर्फ 6 गज में और वो भी तीन मंजिल का।

6 गज में 3 मंजिल का घर
दिल्ली की इस गर्मी में बुराड़ी का सबसे छोटा 6 गज का मकान है जो बहुत फैमस है एक बार फिर से चर्चा में है । इस भीषण गर्मी में भी पांच सदस्यों का परिवार आराम से गुजारा कर रहा है। इस मकान को बनाने वाला कारीगर बिहार का रहने वाला था, जो अब मकान बेच कर कही गुमनाम हो गया है। इस अदभुत इमारत में 5 सदस्यों का परिवार निवास करता है

वो भी बहुत आसानी से इस नमूने को देख कर देश भर के आर्किटेक्ट इंजीनियर हैरत में पड़ जाते है। इस घर के सदस्य चाहे कैसी भी परिस्थिति हो वह सब एक दूसरे का साथ देते है खास बात तो ये है इस घर की यह इतनी गर्मी में भी ठंडा रहता है।

आमदनी स्त्रोत क्या है
इस मकान में पिछले कई सालों से पिंकी और उसका पति संजय सिंह, जो गुरुग्राम की एक कंपनी में ड्राइवर का काम करता है रह रहे हैं वह रह रहे है कोरोना काल में साल संजय का काम छूट गया था तब भी वह 4 साल से यहीं रह रहे है और गुजरा कर रहे है।